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ये हैं भारत के सबसे कम उम्र के पांच रईस नौजवान
फोर्ब्स इंडिया मैगजीन ने इस साल के रईस भारतीयों की सूची जारी कर दी है.
लगातार 11वें साल रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में सबसे ऊपर हैं.
फोर्ब्स के अनुसार उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ 47.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 3.48 लाख करोड़ रुपए की कंपनी है.
इस सूची में दूसरे नंबर पर अजीम प्रेमजी, तीसरे नंबर पर लक्ष्मी मित्तल, चौथे नंबर पर हिंदुजा ब्रदर्स और पांचवें नंबर पर पालोनजी मिस्त्री हैं.
भारत के इन सभी शीर्ष-5 अमीरों की उम्र 61 से 89 साल के बीच की है.
टॉप 100 की इस सूची में कई युवा भी हैं, जिन्होंने इसमें जगह बनाई हैं.
सबसे कम उम्र के पांच रईस
भाविन और दिव्यांक तुराखिया (36 और 38 साल), डायरेक्ट आई
फोर्ब्स की टॉप 100 अमीरों की सूची में सबसे कम उम्र के दो भाइयों ने जगह बनाई है. ये हैं तुराखिया ब्रदर्स. 36 साल के दिव्यांक तुराखिया और 38 साल के भाविन तुराखिया 'डायरेक्ट-आई' कंपनी के को-फाउंडर हैं.
डायरेक्ट-आई विभिन्न तकनीकी कंपनियों का समूह है, जिसकी स्थापना 1998 में 25 हज़ार रुपए की लागत से की गई थी.
फोर्ब्स के अनुसार इनकी कंपनी 1.55 बिलियन डॉलर की है यानी 11,433 करोड़ रुपए.
टॉप 100 अमीर भारतीयों में इन दोनों भाइयों का स्थान 97वां है. मुंबई से ताल्लुक रखने वाले तुराखिया ब्रदर्स ने गेमिंग बिज़नेस से अपनी कंपनी की शुरुआत की और फिर वेब होस्टिंग, ऑनलाइन एडवरटाइजिंग और ऐप की दुनिया में कामयाबी हासिल की.
भारत के साथ-साथ इनकी कंपनी अमरीका और संयुक्त अरब अमीरात से चलाई जाती है.
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विजय शेखर शर्मा (40 साल) , पेटीएम
भारत में नोटबंदी के बाद पेटीएम ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की. डिज़िटल बिल पेमेंट से शुरू हुआ सफ़र आज ई-कॉमर्स की दुनिया में प्रवेश कर चुका है.
साल 2010 में विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम की स्थापना की थी. फोर्ब्स की टॉप 100 अमीरों की सूची में 40 साल विजय शेखर 74वें स्थान पर हैं.
पेटीएम आज 2.15 बिलियन डॉलर की कंपनी है. भारतीय रुपय में इस कंपनी की कीमत आज 15,855 करोड़ रुपए है. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से ताल्लुक रखने वाले विजय को शुरुआत में अंग्रेजी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
जब अंग्रेजी कुछ ठीक हुई तो उन्होंने बीटेक की पढ़ाई की और इसी दौरान उन्होंने अपने बिज़नेस की शुरुआत की थी.
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शमशीर वायलील (41 साल) , वीपीएस हेल्थ केयर
तीसरे सबसे युवा भारतीय अमीर हैं शमशीर वायलील. 41 साल के शमशीर वीपीएस हेल्थकेयर के मालिक हैं. फोर्ब्स की सूची में ये 98वें स्थान पर हैं.
फोर्ब्स के मुताबिक इनकी कंपनी वीपीएस हेल्थकेयर आज 1.54 बिलियन डॉलर यानी 11,369 करोड़ रुपए की है.
शमशीर ने साल 2007 में अपने सफर की शुरुआत एक अस्पताल से की थी, जिसने धीरे-धीरे अपनी पहुंच संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और भारत में बना ली.
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अबू धाबी से एक रेडियोलॉजिस्ट के रूप में की थी. एक साल नौकरी करने के बाद उन्होंने वीपीएस हेल्थकेयर के तहत एलएलएच अस्पताल की शुरुआत की थी.
केरल में जन्में शमशीर ने चेन्नई के एक मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी की.
हाल ही में केरल में आए बाढ़ के बाद उन्होंने राज्य के लोगों की मदद के लिए 50 करोड़ रुपए दान देने की घोषणा की थी.
समीर गहलोत (44 साल), इंडियाबुल्स ग्रुप
दिल्ली के हौज़ख़ास इलाक़े में टिन की छत से कार्यालय शुरू करने वाले समीर गहलोत भारत के सबसे अमीर नौजवान हैं.
44 साल के समीर इंडियाबुल्स ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष हैं. फोर्ब्स के मुताबिक आज इनकी कंपनी 4.2 बिलियन डॉलर यानी 30,925 करोड़ रुपए की है.
टॉप 100 अमीरों में इनका स्थान 29वां है.
हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक रखने वाले समीर ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है. इसके बाद वो विदेश नौकरी करने चले गए. दो साल वहां नौकरी करने के बाद वो भारत वापस लौटे और अपने दो दोस्तों के साथ एक ब्रोकरिंग कंपनी को सस्ते में खरीदा.
साल 2000 में उन्होंने अपनी कंपनी के तहत ऑनलाइन शेयर खरीद-फरोख्त की संभावनाएं तलाशने लगे और सफलता पाई. धीरे-धीरे कंपनी एक बड़े समूह की तरह काम करने लगा और ब्रोकरिंग के अलावा वो रीयल एस्टेट, ऊर्जा, हाउसिंग फाइनेंस की दिशा में भी आगे बढ़ा.
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डॉक्टर रंजन पई (45 साल), मनिपाल ग्रुप
डॉक्टर रंजन पई, चिकित्सा के क्षेत्र का जाना माना नाम. मनिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के अध्यक्ष देश के 86वां सबसे अमीर आदमी हैं.
फोर्ब्स के मुताबिक 45 साल के डॉक्टर रंजन आज 1.86 बिलियन डॉलर यानी 13,705 करोड़ रुपए के मालिक हैं.
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मनिपाल से मेडिकल में डिग्री हासिल करने के बाद डॉक्टर रंजन एक फेलोशिप के सिलसिले में अमरीका चले गए थे.
इसके बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मलेशिया के मेलका मनिपाल मेडिकल कॉलेज में बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में की और धीरे-धीरे तरक्की की राह पर चल पड़े.
अभी मनिपाल ग्रुप के तहत छह मेडिकल कॉलेज और 16 अस्पताल चलाए जा रहे हैं. एक लाख से ज़्यादा छात्र इनके कॉलेजों में पढ़ते हैं. इसके कैंपस भारत के अलावा मलेशिया, एंटीगुआ, दुबई और नेपाल में हैं.
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