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ग्राउंड रिपोर्ट: गंगा किनारे उपवास कर रही महिला के साथ बलात्कार
- Author, नीरज प्रियदर्शी
- पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
पटना के बाढ़ प्रखंड से गुज़रने वाले एनएच-31 से महज़ ढाई सौ मीटर की दूरी पर स्थित है जलगोविंद गाँव जिसके एक घाट पर स्नान के लिए आई महिला के साथ दो लोगों ने बलात्कार किया.
इतना ही नहीं, उन्होंने इस बलात्कार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला.
जलगोविंद गंगा के किनारे पर बसा हुआ गाँव है. गंगा का घाट गाँव से क़रीब सौ मीटर दूर है. इस घाट पर दहयौरा और जलगोविंद गाँव की महिलायें छठ, तुलसी पूजा, जितिया से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक, लगभग सभी पर्वों पर स्नान करने आती हैं.
घाट पर सेमल का एक बड़ा पेड़ है जो उस इलाक़े के गंगा घाटों में से जलगोविंद घाट को एक अलग पहचान देता है.
वहीं एक पीपल का पेड़ भी है जिसके तने परअभी तक सिंदूर और रोली लिपटे हुए हैं. कुछ लोग इस पेड़ की ओर इशारा करते हुए बताते हैं कि गाँव की महिलाओं ने यहीं जितिया का व्रत किया था. बिहार में महिलाएं पुत्र की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं.
गाँव के इतने क़रीब और इतने व्यस्त रहने वाले घाट पर ऐसा हुआ और किसी ने ये सब होते नहीं देखा? बुधवार दोपहर जलगोविंद घाट पर अपनी भैंसें चराने आए गाँव के ही प्रदीप राय इस सवाल का जवाब देने के लिए पहले तो राज़ी हुए. लेकिन कैमरा निकालते ही उन्होंने कुछ बोलने से मना कर दिया.
उन्होंने कहा, "ऐसे पूछना है तो पूछिए, भले लिख लीजिए. हम सारी बात बताएंगे. लेकिन हमारा फ़ोटो मत लीजिए. हमको इन सबमें मत जोड़िए."
प्रदीप से जब हमने पूछा कि आप तो रोज़ अपनी भैंसों को लेकर चराने आते हैं, क्या उस दिन नहीं आए थे?
इस पर गंगा में नहा रही अपनी भैंसों की ओर इशारा करते हुए प्रदीप राय ने कहा, "नहीं, हम नहीं थे. लेकिन वहाँ जहाँ भैंसें अभी नहा रही हैं, वहीं घटना घटी थी. वो होना था, हो गया. लेकिन उससे कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ा. उसके बाद भी यहाँ पूजा हुई. देखिए तुलसी जी की जड़ पर कितने फूल चढ़े हैं."
प्रदीप से कुछ देर ही बात हुई थी कि गाँव के कुछ और लोग भी खेती के काम से घाट के क़रीब आ गए. इनमें से कुछ लोग हमारे पास आए.
गाँव के लोग इतने धार्मिक हैं, घाट पर इतने लोग पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं. बावजूद इसके, ये हो कैसे गया? इसका जवाब लोगों के पास नहीं है.
उसी घाट पर स्नान और पूजा के लिए गाँव की सारी महिलाएँ भी आती हैं और घाट पर कपड़ा बदलने के लिए कोई इंतज़ाम नहीं है.
क्या इसलिए हुआ महिला का रेप
जलगोविंद घाट पर गाँव वालों से हमारी बातचीत जारी थी. इसी दौरान किसी ने घाट के ऊपर जहाँ सेमल की जड़ें ज़मीन से निकली दिखाई दे रही थीं, उस ओर इशारा करते हुए कहा कि "देखिए, वो लोग वहीं बैठे थे. जहाँ देशी शराब का पाउच दिख रहा है. कांड करने वाला लड़का लोग भी तो गाँव का ही था. यहीं आकर शराब पी रहा था तो वो नहाने आ गई. नशा में कहाँ किसी को ग़लत-सही दिखता है."
शराबबंदी वाले राज्य बिहार में, ज़मीन पर पड़ा पाउच झारखंड में बने देशी शराब का था. ताश के पत्ते, कागज़ पर चखने के बतौर नमक मिर्च और चारों तरफ गुटखे की पीक थी.
गाँव वालों के अनुसार महिला के साथ बलात्कार करने वाले नशे में थे.
मगर जब मामले की पड़ताल कर रही पटना पुलिस के एसएसपी मनु महाराज से पूछा गया तो उन्होंने गिरफ़्तार लोगों के नशे में होने की बात पर टिप्पणी नहीं की.
उन्होंने कहा, "अभी तक शराब पीने की बात सामने नहीं आई है. पटना पुलिस मामले के हर एक पहलू पर अनुसंधान कर रही है. अगर घटनास्थल पर देशी शराब के पाउच मिले हैं और अभियुक्तों की मेडिकल रिपोर्ट में ये बात सामने आती है, तो ये कहा जा सकता है कि शराब के नशे में उन्होंने ऐसा किया."
वीडियो नहीं आता तो मामला भी दर्ज नहीं होता
जितने भी गाँव वालों ने बीबीसी से बात की, सभी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी दो दिन बाद यानी मंगलवार को मिली.
वो भी तब जब पुलिस की टीम अभियुक्तों की पहचान करने के लिए गाँव में आई.
पुलिस के पास भी पीड़ित महिला या उसके परिवार वाले शिकायत लेकर केस दर्ज कराने नहीं गए थे, बल्कि वायरल वीडियो का क्लिप बाढ़ के थाना प्रभारी अबरार अहमद ख़ाँ के पास पहुँचा था.
इस मामले की जाँच कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर अबरार कहते हैं, "हम दोनों अभियुक्तों से पूछताछ कर रहे हैं. अभी तक की पड़ताल में ये बात सामने आई है कि दूसरा अभियुक्त विशाल उस वीडियो को रिकॉर्ड कर रहा था. उसी ने वीडियो वायरल किया. गाँव के लोगों के ज़रिए ही 2 अक्टूबर की दोपहर को पुलिस को मालूम चला कि वीडियो में दिख रहा घटनास्थल जलगोविंद घाट है.
वीडियो में महिला के साथ बलात्कार करने वाले की पहचान शिव पूजन महतो के तौर पर हुई है. पुलिस जब गाँव पहुँची और लोगों की पहचान कराई गई, तो मामले का पता चला और अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हो सकी."
दो दिनों तक नहीं की रिपोर्ट
पुलिस की जाँच में ये बात स्पष्ट हो चुकी है कि घटना रविवार सुबह की है लेकिन इसकी रिपोर्ट मंगलवार को दर्ज की गई.
वो भी पीड़िता ने ख़ुद शिक़ायत नहीं की बल्कि पुलिस ने वीडियो आने के बाद ख़ुद मामला दर्ज किया. लेकिन ऐसा क्यों हुआ?
पीड़ित महिला के पति दिल्ली में काम करते हैं. वो अपनी बोटियों और एक बेटे के साथ गाँव में रहकर घर संभालती हैं.
जलगोविंद गाँव के महतो बहुल मोहल्ले में पीड़िता का घर है. घर के किवाड़ बंद थे. लेकिन दो-तीन बार खटखटाने पर एक छोटी बच्ची ने दरवाज़ा खोला.
ये पीड़िता की बेटी थी जो आठवीं कक्षा में पढ़ती है. उसने पूछने पर बताया कि माँ और बड़ी बहन पुलिस वालों के साथ गए हैं. वो छोटे भाई के साथ घर में है.
पीड़िता का बेटा अभी काफ़ी छोटा है. उनकी बेटी ने बताया, "जिस दिन घटना हुई थी, उसी दिन हम लोगों को धमकी दी गई थी कि अगर ज़ुबान खोली तो वो हमें मार देंगे, लेकिन अब तो सब कुछ बाहर आ गया है. अब इसके बाद क्या बोलें. हम लोग डर की वजह से किसी से कुछ नहीं कह रहे थे."
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