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राजस्थान में पहलू ख़ान मॉब लिंचिंग केस के गवाहों पर हमला
- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान के अलवर ज़िले में कथित गोरक्षकों के हाथों मारे गए पहलू ख़ान के परिजनों ने गवाहों की सुरक्षा की मांग की है.
उनका आरोप है कि वे जब गवाहों के साथ अदालत जा रहे थे तो उनकी गाड़ी पर गोली चलाई गई. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने गवाहों की सुरक्षा का वादा किया है. मानवाधिकार संगठन पीपल्स यूनियन फोर सिविल लिबर्टिज (पीयूसीएल) ने घटना पर चिंता ज़ाहिर की और कार्रवाई की मांग की है.
यह घटना शनिवार को तब हुई जब पहलू ख़ान के दो बेटे इरशाद और आरिफ़ गवाह अजमत और रफ़ीक के साथ एक गाड़ी में सवार होकर बहरोड़ जा रहे थे.
बहरोड़ की स्थानीय अदालत में इन गवाहों के बयान होने हैं. उनके साथ असद हयात भी थे.
हयात ने बताया "एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की और फिर गोली चलाई. बाद में यह स्कॉर्पियो बहरोड़ की तरफ़ चली गई."
'गवाही रोकने का प्रयास'
इस वाक़ये से घबराए गाड़ी में सवार लोग मुड़कर अलवर की ओर निकल गए और पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह से मिले.
पहलू ख़ान के परिजनों का आरोप है कि इस मुक़दमे में गवाही से रोकने का प्रयास किया जा रहा है. पहलू ख़ान के बेटे इरशाद ने मुक़दमे की कार्रवाई ही बहरोड़ से अलवर स्थानांतरित करने की मांग की है.
पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह ने बीबीसी को बताया कि पहलू ख़ान के परिजनों और गवाहों ने उनसे मुलाक़ात की है.
राजेंद्र सिंह ने बीबीसी से कहा, "गवाहों को मुकम्मल सुरक्षा दी जाएगी और इस वाक़ये की जाँच की जाएगी."
उन्होंने कहा, "हम पहले ही सुनवाई के दिन सुरक्षा का निर्देश दे चुके हैं, सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतने दी जाएगी. पहलू ख़ान के परिजनों से मिली फायरिंग की शिकायत की जांच करवाई जा रही है."
क्या था मॉब लिंचिंग मामला
हरियाणा में नूंह के पहलू ख़ान को पिछले साल कथित गोरक्षकों की भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था.
उस वक़्त वो जयपुर से गाय लेकर अपने गांव जा रहे थे. पुलिस ने पहलू ख़ान की हत्या पर मुक़दमा दर्ज़ कर अदालत में अभियोग दाखिल कर दिया.
इसके साथ ही पुलिस ने पहलू ख़ान के साथ गाड़ी में सवार अजमत और रफ़ीक के ख़िलाफ़ गो-तस्करी का मुक़दमा भी दर्ज़ कर लिया.
अजमत और रफ़ीक के अलावा ड्राइवर अर्जुन यादव और उसके पिता जगदीश को भी गो-तस्करी में अभियुक्त बनाया गया है. अर्जुन गाय लेकर आ रही गाड़ी के ड्राइवर थे और जगदीश उस गाड़ी के मालिक.
पुलिस का कहना था कि पहलू ख़ान के पास गाय ख़रीद कर लाने के दस्तावेज नहीं मिले. लिहाजा यह गो-तस्करी से जुड़ा मामला था.
पहलू ख़ान के परिजन आरोप लगाते रहे हैं कि पुलिस ने जाँच में नामज़द प्रमुख लोगों के ख़िलाफ़ सबूत न मिलने की बात कह कर क्लीन चिट दे दी और पहलू ख़ान के साथ आ रहे लोगों को गो-तस्करी में अभियुक्त बना दिया.
मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल की अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है.
वो कहती हैं, "यह घटना बहुत गंभीर है. मुक़दमे की सुनवाई बहरोड़ से स्थानांतरित की जाए. पहले भी बहरोड़ में समस्या रही है. यहाँ तक कि हर्ष मंदर जब कारवां ऐ मुहब्बत लेकर बहरोड़ से निकल रहे थे, उन पर हमले की धमकी दी गई थी."
अलवर ज़िले में ही जुलाई महीने में हरियाणा के रकबर को कथित गोरक्षकों की एक भीड़ ने घेर कर इतना पीटा कि उसकी जान चली गई थी.
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