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मेरठ: 'ये मुसलमान है तुम इस पर केस कर दो'
- Author, शहबाज़ अनवर
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
मंगलवार को उत्तरप्रदेश के मेरठ शहर में मेडिकल की एक छात्रा और उनके सहपाठी के साथ कथित हिंदूवादी संगठनों ने पहले मारपीट की और उसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया.
बाद में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी को इस छात्रा की पिटाई करते देखा गया और कुछ पुलिसकर्मी उन्हें कोस भी रहे थे.
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने शुरू हुए. आनन-फ़ानन में एडीजी प्रशांत कुमार को मीडिया से मुख़ातिब होना पड़ा और मामले की जाँच बैठा दी गई.
फ़िलहाल अधिकारी इस वायरल वीडियो की विवेचना कर रहे हैं. इसी के आधार पर इस प्रकरण का रुख़ तोला और मापा जा रहा है.
पीड़ित लड़का और लड़की इस घटना के बाद भूमिगत हो गये थे. लेकिन मंगलवार शाम तक ये मामला मीडिया की सुर्ख़ियों में आ चुका था.
पीड़ित छात्रा का क्या कहना है
बीबीसी हिन्दी को इस लड़की ने अपनी आपबीती सुनाई.
शालिनी (काल्पनिक नाम) ने कहा, "मंगलवार को एक हिंदूवादी संगठन (लड़की ने यहाँ इस हिंदूवादी संगठन का नाम लिया) वाले आए थे. उन्होंने रूम का गेट लगा दिया. लड़के (जिसे शालिनी अपना सहपाठी बताती हैं) को बाहर निकालकर उसकी बहुत पिटाई की. पुलिस आई. लेडी कांस्टेबल से कुछ कहने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कुछ नहीं सुना. हम दोनों को वो अलग-अलग गाड़ी में बैठाकर ले गए."
शालिनी ने कहा, "मैं जिस गाड़ी में थी, उसमे जो कांस्टेबल थे, उन्होंने मेरी वीडियो बनानी शुरू कर दी. मैंने कुछ बोलने की कोशिश की तो पुलिसवालों ने मेरी कोई बात नहीं सुनी. उन्होंने बस यही बात बोली जो वीडियो में आपने सुनी. फिर मेरी ये वीडियो वायरल कर दी."
शालिनी बताती हैं, "पुलिस मुझे थाने लेकर गई तो वहाँ आर्य समाज की कोई लेडी आई थीं. उन्होंने मुझे धमकाया कि ये मुस्लिम लड़का है, तुम इस पर केस कर दो. तुम्हे कुछ नहीं होगा. मेरे घरवाले मुझे लेने आये तो उन पर भी यही दबाव बनाया गया कि ये मुस्लिम लड़का है, इस पर केस कर दो. तुम्हें कुछ नहीं होगा. मेरे घरवालों ने इस बात को ग़लत बताया और इनकार कर दिया."
एक सवाल के जवाब में शालिनी ने बोला, "मेरी वीडियो वायरल हुई तो मुझे बाहर जाने में शर्म आ रही थी. सभी पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है. हिन्दूवादी संगठन ने इतनी बदतमीज़ी की थी, वे ऐसा आगे न करें. मुझे किसी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं करवानी है."
लड़के का कोई कसूर नहीं
सहपाठी सोहेल (बदला हुआ नाम) के किसी भी प्रकार से दोषी होने के सवाल पर शालिनी कहती हैं, "लड़के का कोई कसूर नहीं है. इन्होंने जान-बूझकर हल्ला मचवाया था. मुझे किसी से कुछ नहीं कहना है. बस अब ये लोग हमें परेशान न करें."
सुरक्षा को लेकर पूछे गये सवाल पर शालिनी ने बताया, "सरकार हमें सुरक्षा दे. कोई परेशान न करे. कोई भी इल्ज़ाम न लगाया जाए. वायरल वीडियो को बंद करा दिया जाये. ये ग़लत है."
शालिनी कहती हैं कि लड़के के साथ दोस्ती को पुलिस वालों ने ही बदनाम किया. उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनकी अपने सहपाठी से बात नहीं हो पाई है.
कहां है सोहेल
शालिनी के बाद पीड़ित छात्र के भाई भी मीडिया के सामने आये.
उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "मेरे भाई को गंभीर चोटें आई हैं. वो इस समय एक अस्पताल में भर्ती है."
उन्होंने बताया कि इस मामले की शिक़ायत उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई है. उन्हें उम्मीद है कि उनके साथ इंसाफ़ होगा.
परिवार को सता रही चिंता
सोहेल पूरी तरह भूमिगत हैं. लेकिन उनके भाई जब मीडिया के सामने आये तो उनके चेहरे पर ख़ौफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था.
सोहेल के भाई ने कहा, "हमारा और हमारे परिवार का नाम, गाँव का पता छापियेगा नहीं. हमें चिंता है कि कहीं परिवार पर कोई परेशानी न आ जाए."
अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज
इस प्रकरण में मेरठ पुलिस ने जाँच के बाद ज्ञात और अज्ञात 40 आरोपियों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज की है.
एसपी सिटी रण विजय सिंह ने कहा, "बीट कांस्टेबल ने पुलिस को सूचना दी. उस सूचना के बाद जो जाँच हुई उसमे ये बात सामने आई कि लड़के के साथ मारपीट की गई. आरोपियों में 15 हमलावरों की पहचान की गई है. जबकि 25 अज्ञात हैं. सभी के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है."
हमला करने वाले किस संगठन से थे, इस बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है. एसपी सिटी ने भी अपनी बात में भी किसी संगठन का नाम नहीं लिया.
...एक और वीडियो वायरल
मेरठ में इन दिनों एक और वीडियो वायरल हो रहा है.
मेडिकल की इस छात्रा और उसके सहपाठी के साथ हुई इस घटना के बाद इस वीडियो को लड़के के साथ मारपीट वाली वीडियो होने का दावा किया जा रहा है.
इस वीडियो में कुछ युवक लड़के के साथ मारपीट कर रहे हैं. एक पुलिसकर्मी इस लड़के को इन युवकों के हमले से बचा रहा है.
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