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गर्भवती पत्नी के सामने पति की बेरहमी से हत्या
तेलंगाना के नालगोंडा ज़िले में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है. ज़िले के मिरयालागुडा शहर में एक अस्पताल के बाहर 24 वर्षीय पेरुमाल्ला प्रणय की उसकी गर्भवती पत्नी अमृता के सामने बेरहमी से हत्या कर दी गई.
डॉक्टर से अपनी पत्नी की जांच करवाने के बाद दोनों अस्पताल से बाहर निकले थे, तभी पीछे से एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से प्रणय के गर्दन पर दो बार वार किया.
प्रणय की मौके पर ही मौत हो गई.
प्रणय और अमृता ने इसी साल 31 जनवरी को लव मैरिज किया था और दोनों के परिवार इससे नाराज़ थे. हालांकि प्रणय के परिवार ने बाद में दोनों को अपना लिया. लेकिनअमृता के परिवार वाले नाराज़ ही चल रहे थे.
ऐसे में पुलिस को शक है कि यह ऑनर किलिंग का मामला हो सकता है.
ज़िले के एसपी रंगानाथ ने बीबीसी तेलुगू को बताया, "हम ऑनर किलिंग मानकर इसकी जांच कर रहे हैं."
अमृता के पिता पर हत्या का शक
प्रणय दलित हैं और अमृता वैश्य समुदाय की. अमृता के पिता रियल स्टेट कारोबारी हैं.
पुलिस को अमृता के पिता पर हत्या करवाने का शक है क्योंकि दोनों ने यह शादी परिवार की मर्जी के बगैर की थी.
पुलिस ने इस मामले में अमृता के पिता मारुति राव को अभियुक्त-1 और उनके भाई श्रवण को अभियुक्त-2 बनाते हुए कार्रवाई शुरू की है.
प्रणय तब 10वीं कक्षा में और अमृता 9वीं में थी जब दोनों के बीच दोस्ती हुई. दोनों ने बीटेक की पढ़ाई की. फिर जब इन दोनों ने अपने-अपने परिवारों से एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई तो अमृता के पिता मारुति राव ने साफ़ मना कर दिया.
बेटी को वापस बुलाने की कोशिश करते रहे पिता
इसके बाद दोनों ने हैदराबाद जाकर आर्य समाज विधि से शादी की. इसके बाद दोनों वापस लौटे और प्रणय के घर में रहने लगे.
शादी के बाद भी मारुति राव ने अपनी बेटी को वापस बुलाने की कई कोशिशें कीं लेकिन बेटी ने मना कर दिया.
प्रणय के पिता बाला स्वामी ने बीबीसी से कहा कि शादी के दो महीने बाद से ही वो प्रणय की हत्या करना चाहते थे और इस बात को लेकर प्रणय भी परेशान था.
इस बीच अमृता गर्भवती हो गईं.
शुक्रवार को प्रणय और उनकी मां अमृता को लेकर मिरयालागुडा के निजी अस्पताल में उनकी जांच करवाने के लिए गए थे.
सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा वाक्या
वे दोपहर 12 बजे अंदर गए 1.30 बजे जांच खत्म होने के बाद जब वो बाहर आ रहे थे तो एक व्यक्ति ने उनका पीछा किया और कुछ ही दूर पर प्रणय की गर्दन पर तेज़ धारदार हथियार से दो बार वार किया जिससे प्रणय की मौके पर ही मौत हो गई.
हथियार को मौका-ए-वारदात पर छोड़ कर हत्यारा वहां से भागने में कामयाब रहा. ये वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ जिसकी मदद से हत्यारे की पहचान हो गई है, लेकिन फिलहाल उसकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
पुलिस ने बीबीसी को बताया, "शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों ने पुलिस आईजी से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी क्योंकि उन्हें अमृता के पिता से ख़तरा लगता था. ज़िला पुलिस एसपी ने मारुति राव को बुलाया तो उन्होंने पुलिस से कहा कि वो कुछ नहीं करेंगे."
पुलिस ने कहा, "यह हत्या भाड़े के हत्यारे से करवाई गई है और हमने हत्यारे को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की हैं."
'मैंने दोनों को शहर से दूर जाकर रहने को कहा था'
प्रणय के पिता ने बीबीसी से कहा, "मारुति राव करोड़पति हैं. वो पैसे के बल पर कुछ न कुछ करेंगे, इसलिए मैंने अपने बहु और बेटे से कहा था कि दोनों दूर चले जाएं. लेकिन मेरी बहू ने जाने से इंकार करते हुए कहा कि वो अपने पिता को इसके लिए मना लेंगी. उसने कहा था कि दोनों कुछ न कुछ काम कर लेंगे."
उन्होंने कहा, "अमृता की उनके माता-पिता से कुछ समय से बातचीत हो रही थी और उन लोगों ने उसे यह विश्वास दिला दिया था कि वो बदल गए हैं, लेकिन उन्होंने मेरे बेटे की हत्या करवा दी."
दलित संगठनों ने मिरयालागुडा में शनिवार को इस हत्या के विरोध में बंद बुलाया.
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
राज्य की राजधानी से महज 150 किलोमीटर दूर भरी दोपहरी को हुई इस हत्या से लोग सन्न रह गए हैं. हत्या की ख़बर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई और लोग तरह तरह से प्रतिक्रियाएं दे कर अपनी संवेदना प्रकट कर रहे हैं.
अमृता ने इस हत्या से ठीक एक दिन पहले ही फ़ेसबुक पर एक पोस्ट में गणेश चतुर्थी की पूजा का पोस्ट किया और लिखा "फीलिंग ब्लेस्ड" यानी अच्छा महसूस कर रही हूं.
प्रणय की हत्या के बाद इस फ़ोटो पर कई कमेंट्स आ रहे हैं. बहुत से लोग उन्हें 'बहन' संबोधित करते हुए उनसे सहानुभूति जता रहे हैं.
दुष्यंत कुमार ने लिखा, "भगवान कहां हैं? क्यों ऐसा किया? ऐसा आपने भगवान से पूछा तो भी समाधान नहीं मिलेगा. आप साहस जुटाइये. बी ब्रेव."
बहुतों ने लिखा कि ''आप अपने बच्चे में प्रणय को देखो 'बहन'. मज़बूत बने रहो''.
एक ने लिखा, "अपनी जाति को लेकर अहंकार. पैसा और ताक़त है तो कुछ भी कर सकते हैं. ऐसी सोच है. समाज से इस सोच को हटाने के लिए मारुति राव को सज़ा-ए-मौत दी जानी चाहिए.''
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