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क्या चीन को भारतीय मुद्रा छापने का ठेका मिला है?
भारत सरकार ने उस रिपोर्ट को ग़लत ठहराया है जिसमें कहा गया है कि एक चीनी कंपनी भारतीय करेंसी नोट छापने वाली है.
सोशल मीडिया में इस ख़बर के वायरल होने के बाद भारत ने इसे ''निराधार'' बताया है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक चीनी कंपनी को अंतरराष्ट्रीय मुद्राएं छापने का ठेका दिया गया है जिसमें भारतीय रुपया भी शामिल है.
ये ख़बर सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैली और इस पर लोगों ने नाराज़गी जताई कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है.
भारत चार अति सुरक्षित छापेखानों में अपने करेंसी नोट प्रिंट करता है.
आर्थिक मामलों के विभाग के एक अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "चीनी कंपनी को भारतीय करेंसी नोट छापने का ऑर्डर दिए जाने से जुड़े रिपोर्ट्स एकदम निराधार हैं. भारतीय करेंसी नोट भारत सरकार और रिज़र्व बैंक के छापेखाने में ही छापे जाते हैं."
क्या भारत में नक़दी की कमी है?
चीनी मीडिया में छपी ये रिपोर्ट भारत में वायरल हो गई और #ChinaPrintingRupee थोड़े समय के लिए ट्रेंड में भी आ गया.
कई यूज़र्स ने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की और दोनों देशों के बीच हाल के तनाव को देखते हुए इस फ़ैसले के औचित्य पर सवाल उठाए.
पिछले साल जून में भारत और चीन के बीच कई हफ़्ते तक तनाव रहा था.
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत सरकार से इस पर प्रतिक्रिया की मांग की है.
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता समेत दूसरे राजनेताओं ने कहा है कि अगर ऐसा होता है तो भारत की 'वित्तीय संप्रभुता' ख़तरे में पड़ सकती है.
इस रिपोर्ट में जिस कंपनी का ज़िक्र किया गया है उसका नाम है चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन.
ये कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा मनी प्रिंटर होने का दावा करती है.
द साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि उसने कई देशों के करेंसी नोट छापने का ठेका हासिल कर लिया है जिनमें थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, भारत, ब्राज़ील और पोलैंड शामिल हैं.
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