You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
उसने मेरी तरफ़ पिस्टल तानी तो मैं काफ़ी डर गया था: उमर ख़ालिद
- Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
विवादों में रहे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र उमर ख़ालिद पर दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब के बाहर गोली चली है.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उमर ख़ालिद रफ़ी मार्ग पर एक चाय की दुकान पर एक सफेद कमीज़ पहने शख़्स ने आकर उमर ख़ालिद को धक्का दिया और गोली चलाई, ख़ालिद के गिर जाने की वजह से गोली उन्हें नहीं लगी.
उमर खालिद ने इस हमले के बाद द क्विंट से कहा, "जब उसने मेरी तरफ़ पिस्टल तानी तो मैं काफ़ी डर गया था. मुझे गौरी लंकेश के साथ जो हुआ था, उसकी याद आ गई थी."
ज्वाइंट सीपी अजय चौधरी ने बीबीसी को बताया है कि जहां पर उमर ख़ालिद पर गोली चलाई गई है उस जगह से एक पिस्टल बरामद हुई है और उमर ख़ालिद की मेडिकल जांच कराई जा रही है.
कितनी राउंड गोली चली है, ये पूछे जाने पर ज्वाइंट सीपी अजय चौधरी ने कहा कि अभी जांच की जा रही है.
लेकिन हादसे के वक्त ख़ालिद के साथ होने का दावा करने वाले ख़ालिद सैफ़ी ने बीबीसी को बताया कि दो राउंड गोली चली है.
संसद भवन के पास ये इलाक़ा दिल्ली के सबसे सुरक्षित इलाक़ों में गिना जाता है.
ख़ालिद कांस्टीट्यून क्लब में खौफ़ से आज़ादी नाम एक कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे.
कौन हैं उमर ख़ालिद
उमर ख़ालिद जेएनयू के छात्र नेता हैं, जिन पर विश्वविद्यालय के अंदर भारत विरोधी नारे लगाए जाने के आरोप लगे थे.
इस मामले में फरवरी, 2016 में जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार और अनिर्बान भट्टाचार्य के साथ गिरफ़्तार किए गए थे. हालांकि उमर ख़ालिद ने हमेशा ये कहा कि उन्होंने भारत विरोधी नारे कभी नहीं लगाए.
वैसे इसी मामले में जेएनयू प्रशासन ने उमर ख़ालिद और कन्हैया कुमार को पीएचडी की डिग्री देने से इनकार कर दिया था. इन दोनों को अपनी थीसिस जमा नहीं करने दी जा रही थी.
हालांकि दिल्ली हाइकोर्ट के दख़ल के बाद इन दोनों ने अपनी थीसिस जमा करा दी है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)