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पांच बड़ी ख़बरें: एनआरसी पर तृणमूल कांग्रेस में बग़ावत, असम यूनिट के अध्यक्ष का इस्तीफ़ा
एनआरसी के मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस के असम अध्यक्ष द्विपेन पाठक ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.
इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने कहा कि वो ममता बनर्जी की बात से सहमत नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि ममता के बयान से असमिया और बंगालियों के बीच असम में माहौल ख़राब हो सकता है.
उन्होंने कहा, "जिन लोगों का नाम एनआरसी में शामिल नहीं किया गया है अभी भी उनके पास मौका है इसलिए ममता बनर्जी को इतना हल्ला करने की ज़रूरत नहीं थी."
प्रमोशन में आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सरकारी नौकरियों के प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार से सुनवाई शुरू हो रही है. इसकी सुनवाई संवैधानिक पीठ करेगी. इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस कुरियन जोसेफ़, जस्टिस रोहिंटन फाली नरीमन, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस इंदू मल्होत्रा होंगी.
पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ केवल यह देखेगी कि क्या 2006 के एम नागराज तथा अन्य बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया मामले में दिए गए फ़ैसले पर दोबारा विचार करने की जरूरत है अथवा नहीं.
रेप पीड़िता की तस्वीर दिखाने पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त
सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया में नाबालिग रेप पीड़िता की तस्वीर किसी भी तरीके से दिखाने पर नाराज़गी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने मॉर्फ़्ड (अस्पष्ट) तस्वीर के उपयोग पर भी पाबंदी लगा दी है.
कोर्ट ने नाबालिग रेप पीड़िता की पहचान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उजागर करने पर भी चिंता ज़ाहिर की है.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए यौन शोषण मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है.
बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर 17 पार्टियां एकजुट
देश की 17 राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग से मिलकर ईवीएम की जगह बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने पर अपनी सहमति जताई है. न्यूज़ एजेंसी के सूत्रों ने यह जानकारी दी है.
ईवीएम की जगह बैलट पेपर से चुनाव की मांग करने वाली पार्टियों में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख हैं.
इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस, डीएमके, जेडीएस, टीडीपी के अलावा लेफ्ट पार्टियां भी बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर चुकी हैं.
साथ ही बीजेपी की सहयोगी शिवसेना भी बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग का समर्थन कर चुकी है.
अमरीकी मध्यावधि चुनाव में रूस के हस्तक्षेप का ख़तरा
अमरीका में नंवबर में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं और एक बार फिर से रूस के हस्तक्षेप का ख़तरा अमरीका पर मंडरा रहा है. अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुखियाओं ने एक साथ प्रेस क्रांफ्रेंस कर इस ख़तरे के बारे में चेताया है.
व्हाइट हाउस में गुरुवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन, एफ़बीआई निदेशक क्रिस रे, राष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी निदेशक पॉल नाकासोने और गृह सुरक्षा सचिव नीलसन ने अपनी बात रखी.
जुलाई के महीने में फिनलैंड में हुई ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के बाद मीडिया से ट्रंप ने कहा था कि उन्हें कोई कारण नहीं नज़र आता कि रूस ने 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप किया होगा.
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