You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
इन नेटो देशों में क्यों तैनात हैं अमरीकी सैनिक
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि नेटो के सदस्य देश अमरीका का फ़ायदा उठा रहे हैं.
उन्होंने यह बात नेटो सम्मेलन में शामिल होने से ठीक पहले कही. ट्रंप ने कहा कि अन्य सदस्य देशों को आर्थिक योगदान में बढ़ोतरी करनी चाहिए.
नेटो यानी नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन. इसे उत्तर अटलांटिक गठबंधन भी कहा जाता है. इसकी स्थापना 04 अप्रैल, 1949 को सोवियत संघ का मुक़ाबला करने के उद्देश्य से किया गया था.
फ़िलहाल इस गठबंधन में अमरीका, ब्रिटेन सहित 29 सदस्य देश हैं, जिनकी आपस में राजनीतिक और सैन्य साझेदारी है.
ट्रंप की इस बात पर यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष डोनल्ड टस्क ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि यूरोप जैसा अमरीका का कोई बेहतर सहयोगी नहीं रहा है.
साल 2014 में नेटो ने यह फ़ैसला किया था कि कुछ सदस्य देश रक्षा ख़र्च पर अपनी जीडीपी का दो प्रतिशत ख़र्च करेंगे.
अमरीका वर्तमान में रक्षा बजट पर जीडीपी का 3.5% से अधिक ख़र्च कर रहा है. यूरोपीय सदस्य देशों में ग्रीस, ब्रिटेन, इस्टोनिया, लातविया का यह ख़र्च 2% या उससे अधिक है.
लेकिन अब नेटो चाहता है कि 2% ख़र्च करने वाले देशों की संख्या इस साल बढ़ाकर आठ की जाए.
कहां कितने अमरीकी सैनिक तैनात
शीत युद्ध के समय यूरोप में चार लाख से ज़्यादा अमरीकी सैनिक मौजूद थे. आज तुर्की सहित यूरोपीय देशों में 60 हज़ार अमरीकी सैनित तैनात हैं.
वर्तमान में इटली, ब्रिटेन और स्पेन के बाद जर्मनी में सबसे ज़्यादा अमरीकी सैनिक तैनात हैं.
ये सैनिक नेटो के उद्देश्यों के अलावा अन्य कार्रवाई में भी मदद करते हैं. यूरोप में हर साल बड़ी संख्या में अमरीकी सैन्य बलों की तैनाती की जाती है.
अमरीका की मदद का आश्वासन
ये तैनाती लंबे या फिर कम वक़्त के लिए की जाती है.
साल 2014 में यूक्रेन में रूस के हस्तक्षेप के बाद अमरीका ने यूरोप की सुरक्षा में मदद देने का आश्वासन दिया था. इसके बाद यूरोपीयन रिएश्योरेंस इनीसिएटिव शुरू किया गया था.
नेटो के सदस्य देशों को चेतावनी के बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यूरोपीयन रिएश्योरेंस इनीसिएटिव पर किए जा रहे ख़र्च में बढ़ोतरी करने का फ़ैसला किया है.
इस साल इस पर 4.7 बिलियन डॉलर ख़र्च किया जाएगा. अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के वक़्त 2016 में यह ख़र्च 789 मिलियन डॉलर था.
यह भी जानना ज़रूरी है कि अमरीका की वैश्विक सैन्य प्रतिबद्धताएं है. इसकी सेना न सिर्फ़ यूरोप में बल्कि जापान में भी अधिक संख्या में तैनात हैं.
दक्षिण कोरिया और अफ़ग़ानिस्तान में नेटो के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए भारी संख्या में अमरीकी सैनिक तैनात किए गए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)