प्रेस रिव्यू: मंदसौर रेप पीड़िता की तस्वीर लेने वाली नर्स गिरफ़्तार

मध्य प्रदेश के मंदसौर में गैंगरेप का शिकार 7 साल की बच्ची की फोटो खींचकर उसकी पहचान उजागर करने के प्रयास के आरोप में एक वरिष्ठ नर्स को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस उप महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि इंदौर के अस्पताल में भर्ती पीड़िता के वॉर्ड के पास तैनात पुलिसकर्मियों को बुधवार को इसकी जानकारी मिली थी. इसकी पुष्टि होने पर नर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई.
पुलिस को जानकारी मिली थी एक वरिष्ठ नर्स ने अपने मोबाइल कैमरे से पीड़ित बच्ची और उसके इलाज से जुड़े दस्तावेजों के फोटो खींचे हैं. जांच में यह जानकारी सही पाई गई. डीआईजी ने बताया कि नर्स से इस सिलसिले में पूछताछ की जा रही है कि उसने पीड़ित बच्ची और उसके मेडिकल दस्तावेजों के फोटो क्यों खींचे. पुलिस को संदेह है कि वह यह तस्वीरें किसी व्यक्ति को भेजना चाहती थी.
डीआईजी ने बताया कि नर्स के ख़िलाफ़ पॉक्सो ऐक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पीड़ित बच्ची मंदसौर से करीब 200 किलोमीटर दूर इंदौर के अस्पताल में 27 जून की रात से भर्ती है.
राज्यपाल से मांगा हिसाब

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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ओडिशा सरकार ने राज्यपाल गणेशी लाल की नई दिल्ली और हरियाणा में अपने गृह नगर सिरसा की यात्रा के दौरान विमान और हेलिकॉप्टर पर हुए 46 लाख 18 हज़ार रुपए के खर्च पर राजभवन से स्पष्टीकरण मांगा है.
सामान्य प्रशासन विभाग में उपसचिव इंदिरा बेहेरा ने बुधवार को राज्यपाल के विशेष सचिव को पत्र लिख कर कहा, "माननीय राज्यपाल के इस्तेमाल के लिए हेलिकॉप्टर सेवा लेने और उड़ान के मंजूर कार्यक्रम में बदलाव के कारण और परिस्थितियों के बारे में कृपया सूचित किया जाए, और यह भी बताया जाए कि इस उद्देश्य के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी ली गई कि नहीं."
पत्र में 10 जून को भुवनेश्वर से नई दिल्ली जाने और 13 जून को नई दिल्ली से भुवनेश्वर लौटने के लिए इस्तेमाल किए गए दोहरे इंजन वाले जेट एयरक्राफ्ट लीगेसी 650 (वीटी-एओके) की कंपनी पिनेकल एयर प्राइवेट लिमिटेड का 41 लाख 18 हज़ार रुपए का बिल संलग्न किया गया है.
यूनिटेक की संपत्ति नीलाम होगी

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लाइव मिंट के मुताबिक उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस एन ढींगरा की अगुवाई वाली समिति से रियल्टी क्षेत्र की कंपनी यूनिटेक की उत्तर प्रदेश ओर तमिलनाडु की संपत्तियों की नीलामी करने का आदेश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने समिति से कहा है कि वह उत्तर प्रदेश के आगरा और वाराणसी तथा तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर स्थित उन संपत्तियों की नीलामी करे जिनपर कोई देनदारी नहीं है.
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था जिससे रियल एस्टेट कंपनी की 600 एकड़ ज़मीन की नीलामी का काम तेजी से पूरा किया जा सके और उन घर के खरीदारों को पैसा लौटाया जा सके.
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