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टाटा स्टील और थिसेनक्रुप के बीच क़रार, बनेगी यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी
टाटा स्टील और जर्मन स्टील कंपनी थिसेनक्रुप विलय के लिए तैयार हो गए हैं. इस विलय के बाद टाटा स्टील, आर्सेलर मित्तल के बाद यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी बन जाएगी.
क़रार के तहत भारतीय स्वामित्व वाले टाटा स्टील के ब्रिटेन स्थित संयंत्रों का जर्मन कंपनी में विलय के बाद ये ज्वाइंट रूप में सालाना 13 बिलियन पौंड के व्यापार वाला एक पैन-यूरोपीय उपक्रम बन जाएगा.
इसमें वेल्स स्थित पोर्ट टैलबोट का टाटा स्टील संयंत्र भी शामिल है, जिसमें चार हज़ार कर्मचारी काम करते हैं.
48 हज़ार हैं कर्मचारी
दोनों कंपनियों के बीच एक साल से अधिक वक्त से विलय को लेकर बात चल रही थी. जर्मन स्वामित्व वाले थिसेनक्रुप के सुपरवाइज़री बोर्ड ने विलय के लिए शुक्रवार को अपनी हरी झंडी दिखा दी.
दोनों कंपनियां कुल मिलाकर लगभग 48,000 लोगों को रोजगार देती हैं.
दोनों कंपनियों का अनुमान है कि इस विलय से वो 350 मिलियन पौंड से 440 मिलियन पौंड तक सालाना बचत कर सकेंगी.
टाटा स्टील के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा, "यह टाटा स्टील के लिए बेहद महत्वपूर्ण क़दम है और हम संयुक्त उपक्रम कंपनी के दीर्घकालिक हितों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. हमें विश्वास है कि यह साथ सभी शेयरहोल्डर्स के लिए भी फायदेमंद रहेगा."
सितंबर 2017 में जब दोनों कंपनियों के बीच समझौतों को लेकर शुरुआती बातें सामने आई थीं तो दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई थी कि इस विलय से करीब 4,000 हज़ार नौकरियां जाएंगी, आधी एडमिन से और आधी प्रोडक्शन से.
टाटा की वेल्स की दो यूनिट को मिलाकर 7,000 लोग काम कर रहे हैं. ब्रिटेन की ट्रेड यूनियन ने उम्मीद जताई है कि यह समझौता कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता की स्थिति को ख़त्म कर देगा.
हालांकि थिसेनक्रुप कंपनी के मुख्य एचआर ऑफ़िसर बुर्कहार्ड ने अपने वीडियो संदेश में कर्मचारियों की नौकरियों को लेकर आश्वासन दिया और आश्वासन दिया कि इस विलय से कर्मचारियों का भविष्य बढ़िया होगा.
यूनियन के महासचिव रॉय रिकहस ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इसमें नौकरियों को बचाने की संभावना दिख रही है.
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उपक्रम तभी सफल होगा जब इसमें यह सुनिश्चित किया गया हो कि बिज़नेस को बढ़ाने के लिए रणनीतिक निवेश किया गया है.
नई कंपनी का नाम थिसेनक्रुप टाटा स्टील
थिसेनक्रुप के मुख्य कार्यकारी हेनरिक हिसिंगर ने पहले कहा था कि दोनों कंपनियों को आयात और अधिक उत्पादन पर बढ़ते दबाव को लेकर दोनों कंपनियों को और अधिक मजबूत और कुशल बनने की ज़रूरत है.
हाल ही में, यूरोपीय इस्पात निर्माताओं को अपने सबसे बड़े बाज़ार अमरीका में निर्यात पर 25% टैरिफ़ का सामना करना पड़ रहा है.
थिसेनक्रुप ने अपने बयान में कहा, "टाटा स्टील के साथ संयुक्त उपक्रम थिसेनक्रुप के कायापलट में मील का पत्थर साबित होगा."
इस विलय से बनी नई कंपनी का नाम थिसेनक्रुप टाटा स्टील होगा और यह नीदरलैंड में स्थित होगी.
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