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झारखंड: पशु चोरी के आरोप में भीड़ ने दो लोगों को पीट पीट कर मारा
- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए
झारखंड के गोड्डा ज़िले में ग्रामीणों की भीड़ ने दो युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी है.
देवडांड थाने के बनकट्टी गांव में बुधवार सुबह हुई इस घटना में मारे गए चिरागुद्दीन अंसारी उर्फ़ चरका और मुर्तज़ा अंसारी पड़ोसी गांव बांझी तालझारी के रहने वाले थे.
इस घटना के बाद से इलाक़े में तनाव है. झारखंड पुलिस ने इसकी रिपोर्ट दर्ज करके चार लोगों को गिरफ़्तार किया है.
गोड्डा के एसपी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मृतकों पर पशु चोर होने का आरोप लगाया है.
पुलिस का कहना है कि चोरी किए गए जानवरों की कथित बरामदगी भी ग्रामीणों ने ही की है. हालांकि, अभी इसकी जांच होगी कि मृतकों के ख़िलाफ़ पहले भी कोई मामला दर्ज था या नहीं.
एसपी राजीव रंजन सिंह ने बीबीसी से कहा, "देवडांड और सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र की सीमा पर बसे ढुलू गांव के मुंशी सोरेन की भैंस चोरी हो गई थी. बुधवार सुबह बनकट्टी गांव में लोगों ने तीन युवकों को कुछ जानवरों के साथ जाते देखकर रोक लिया. वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और ग्रामीणों ने इन युवकों की पिटाई शुरू कर दी. इनमें से एक युवक भाग निकला लेकिन बाकी बचे दोनों युवकों को भीड़ ने लाठी-डंडे से बुरी तरह पीटा. इस कारण दोनों की मौत घटना स्थल पर ही हो गई. हमने मुंशी सोरेन समेत चार लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है."
गांव में तनाव का माहौल
इस घटना के बाद से इलाक़े में तनाव है. मृतक मुर्तजा अंसारी और चिरागुद्दीन अंसारी के परिजनों ने कहा है कि पशु चोरी का आरोप बेबुनियाद है और यह घटना सोची-समझी साजिश का नतीजा है.
मृतक मुर्तजा अंसारी के पिता हलीम अंसारी ने बीबीसी से कहा, "देखिए यह मामला पुरानी दुश्मनी का है. मेरे बेटे को धोखे से गांव मे बुलाकर उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी. यह कैसा क़ानून है कि मेरे बेटे को दिन-दहाड़े मार दिया गया. वह पशु चोर नहीं था बल्कि पशुओं का व्यापार करता था. अब उसके तीन छोटे-छोटे बच्चों को हम लोग क्या बताएंगे. वो अपने अब्बा का रास्ता देख रहे हैं."
सरकार पर भरोसा नहीं
विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार की आलोचना की है.
स्थानीय कांग्रेस नेता और गोड्डा की पूर्व ज़िला अध्यक्ष दीपिका पांडेय सिंह ने बीबीसी से कहा, "यह ईद के मौक़े पर अशांति फैलाने की साज़िश है. जब भी राम माधव झारखंड आते हैं, ऐसी कोई न कोई घटना हो जाती है. दरअसल, भाजपा के शासन में अल्पसंख्यकों के साथ इंसाफ़ नहीं हो पा रहा है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए."
वहीं भाजपा का कहना है कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग देना उचित नहीं है.
पार्टी के गोड्डा ज़िलाध्यक्ष राजेश झा ने बीबीसी से कहा कि मारे गए युवक पशु चोर थे. इसलिए ग्रामीणों ने आक्रोश में उनकी पिटाई की और वे मारे गए. पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच कर रही है. इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.
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