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मोदी की हत्या की साजिश रच रहे हैं माओवादी: पुलिस
- Author, संजय रमाकांत तिवारी
- पदनाम, नागपुर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने कोर्ट में एक पत्र पेश करते हुये दावा किया है कि माओवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'राजीव गांधी की तरह हत्या' करने की साजिश रच रहे थे. पुणे की विशेष अदालत में सरकारी वकील ने गुरुवार को यह बात बताई.
पुलिस का कहना है कि भीमा-कोरेगांव में जनवरी में हुई हिंसा के सिलसिले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद ये जानकारी सामने आई है. पुलिस का ये भी दावा है कि यह पत्र एक अभियुक्त रोना जैकब विल्सन के दिल्ली में मुनिरका स्थित फ्लैट से बरामद किया गया है.
पुलिस के मुताबिक किसी 'कॉमरेड प्रकाश' को सम्बोधित इस पत्र में बिहार और पश्चिम बंगाल की हार के बावजूद भाजपा की 15 से अधिक राज्यों में जीत पर चिंता जताई गई है. पत्र में कहा गया है, "यदि यही गति रही तो हर तरफ से पार्टी की परेशानी का सबब बनेगी. मोदी राज का अंत करने कॉमरेड किशन और कुछ अन्य वरिष्ठ कॉमरेड्स ने कड़े कदम अर्थात 'कॉन्क्रीट स्टैप्स' सुझाये हैं. हम राजीव गाँधी जैसी एक और घटना के बारे में सोच रहे हैं."
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में मानव बम की हत्या की गई थी. राजीव गांधी वहाँ एक सभा में शामिल होने के लिए गए थे.
पीएम सुरक्षा की समीक्षा
इस बीच, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.
जम्मू में संवाददाताओं से बातचीत में राजनाथ ने कहा, "वैसे हम अपने प्राइम मिनिस्टर की सिक्योरिटी को लेकर बराबर गंभीर रहते हैं, और माओवादियों का जहाँ तक सवाल है, उनके बारे में मैं कहना चाहूंगा, इस समय वो हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं. माओवादी उग्रवाद अब काफ़ी कम हो चुका है. पहले देश के 135 ज़िलों में माओवाद का ख़ासा प्रभाव था, अब छिटपुट 90 ज़िलों में उनका प्रभाव है और ज़्यादा प्रभाव की बात करूँ तो ये महज 10 ज़िलों तक सीमित रह गया है."
पुलिस के मुताबिक पत्र में लिखा गया है, "सम्भव है यह आत्मघाती कदम हो, इस बात की भी आशंका है कि ये कदम असफल हो. लेकिन पोलित ब्यूरो को इस पर चर्चा करनी ही चाहिए. उनके रोडशोज़ को निशाना बनाना कारगर स्ट्रैटेजी हो सकती है."
पत्र के अंत में 18 अप्रैल 2017 यह तारीख़ है. इस पत्र में कॉमरेड साईबाबा और अन्य नामों का भी उल्लेख आया है.
देशभर में छापेमारी
उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि नक्सली गतिविधियों के बारे में पुलिस को जो जानकारी हाथ लगी है, उसके आधार पर पूरे देश में छापे मारे गए हैं और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
उन्होंने कहा, "अलग-अलग तरह के डॉक्युमेंट्स, इंटरनल कॉम्युनिकेशंस, हार्ड डिस्क पुलिस को मिले हैं. इन चीज़ों को न्यायालय के सामने रखा जाएगा. इस मामले के और भी लिंक्स हैं, जिन्हें ढूँढने का काम चल रहा है, इस मौके पर इससे ज़्यादा बोलना उचित नहीं होगा."
इस बीच, कांग्रेस नेता संजय निरुपम का कहना है कि, संभव है कि ये भाजपा द्वारा फैलाया जा रहा शिगूफा हो. बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, यदि देश के प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश हो रही है तो उसकी अवश्य जाँच होनी चाहिए. पुलिस को जाँच करनी चाहिए, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी नहीं आनी चाहिए.
संजय निरुपम के मुताबिक उनका अनुभव यह है कि, मोदी और भाजपा की लोकप्रियता जब घटती है, तब बीजेपी को ऐसा करना पड़ता है.
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