रजनीकांत को क्यों कहना पड़ा- मेरी फ़िल्म रिलीज़ होने दो

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के सुपरस्टार कहे जाने वाले रजनीकांत की नई फ़िल्म 'काला' एक अजीब सी स्थिति में घिर गई है.
ख़बरें हैं कि कावेरी जल बँटवारे पर बयान देने के बाद रजनीकांत की फ़िल्म के कर्नाटक में रिलीज़ होने पर आशंकाओं के बादल मँडरा रहे हैं.
फ़िलहाल स्थिति ये है कि जब रजनीकांत की फ़िल्म 'काला' बाक़ी दुनिया में रिलीज़ को तैयार है, ऐसे में उन्हें अपनी फ़िल्म को कर्नाटक में रिलीज़ कराने के लिए कन्नड़ समर्थक संगठनों से इजाज़त मांगनी पड़ रही है.
बुधवार को चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए रजनीकांत ने कन्नड़ भाषा में ये अपील की, "मैं अपने सभी कन्नड़ भाइयों से फ़िल्म 'काला' की रिलीज़ को अनुमति देने का अनुरोध करता हूं."

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साथ ही रजनीकांत ने कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद पर भी अपना रुख साफ़ किया क्योंकि इसी मुद्दे पर रजनीकांत का बयान आने के बाद कन्नड़ समर्थकों ने कर्नाटक के सिनेमाघर मालिकों से आग्रह किया था कि वे रजनीकांत की फ़िल्म को रिलीज़ न करें.
रजनीकांत ने कहा, "मैंने केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बात की थी और कर्नाटक सरकार से इसे लागू करने का अनुरोध किया था. इसमें क्या ग़लत है?''
कर्नाटक हाई कोर्ट से गुहार
इस फ़िल्म के निर्माता और रजनीकांत के दामाद धनुष और उनकी बेटी ऐश्वर्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था जिसपर कोर्ट ने कर्नाटक पुलिस और राज्य सरकार को ये सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि वो फ़िल्म को बेरोकटोक रिलीज़ कराने में फ़िल्म निर्माताओं की मदद करे.

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रजनीकांत का असली नाम है शिवाजी राव गायकवाड़ जिनका वास्ता बेंगलुरु से रहा है. वो बेंगलुरु की पब्लिक बस सर्विस में एक कंडक्टर थे जिसे बाद में बेंगलुरु परिवहन सेवा (बीटीएस) कहा जाने लगा.
रजनीकांत की एक्टिंग में दिलचस्पी थी. इसलिए वो चेन्नई चले गए. वहाँ जाकर अपने काम के दम पर उन्होंने नाम क़माया और पैसा भी. राजनीति और फ़िल्मी सितारों के बीच एक पुराना संबंध रहा है.
यही वजह रही कि जब-जब ख़राब मानसून के बाद कर्नाटक ने तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी कम छोड़ा और उसे लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन हुए, तो कई बार रजनीकांत को तमिल समर्थकों के साथ खड़ा होना पड़ा.
रजनीकांत और कुमारास्वामी
कर्नाटक में कुमारास्वामी की सरकार बनने का रास्ता साफ़ होने के बाद रजनीकांत ने बयान दिया था कि राज्य में किसी की भी सरकार बने, तमिलनाडु को कावेरी में उसके हिस्से का पानी जल्द से जल्द मिलना चाहिए.

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ये ग़ौर करने वाली बात है कि तमिलनाडु में जयललिता के बाद राजनीतिक परिस्थितियाँ काफ़ी अलग हैं और रजनीकांत भी चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं.
नामी फ़िल्म आलोचक शिव कुमार ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "जैसे ही रजनीकांत पर से फ़िल्मी मेक-अप उतरेगा और वो राजनीतिक चोला पहनेंगे, तो उनपर एक पक्ष लेने का दबाव बनेगा. क्योंकि आज वो जो भी हैं, वो तमिल फ़िल्मों के कारण हैं, इसलिए अगर ये कहा जाए कि वे अजीब सी स्थिति में हैं, तो ग़लत नहीं होगा."
चेन्नई स्थित फ़िल्म आलोचक के हरिहरन ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "जो विरोध कर रहे हैं वो वही ग्रुप हैं जो मौक़ों की तलाश में रहते हैं. लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचना ही उनका मक़सद होता है. ये वैसा ही है जैसा फ़िल्म पद्मावत से पहले करणी सेना के लोगों ने किया था. एक बार फ़िल्म रिलीज़ हो जाएगी तो ये सब ग़ायब हो जाएगा.''
हरिहरन ने उन सभी ग्रुपों का भी ज़िक्र किया जिन्होंने कमल हसन की फ़िल्म 'विश्वरूपम', आमिर ख़ान की फ़िल्म 'पीके' और 'लिपस्टिक अंडर द बुर्क़ा' का भी विरोध किया था.

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फ़िल्म इंडस्ट्री और विरोध प्रदर्शन
हरिहरन ने कहा, "बीसीसीआई जैसे अमीर संगठन को देखिए. जब आईपीएल के मैच के ख़िलाफ़ लोगों ने विरोध किया तो उन्होंने बड़ी आसानी से खेल का मैदान चेन्नई से शिफ़्ट कर दिया. लेकिन ये काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण है कि फ़िल्म इंडस्ट्री के पास वैसा समर्थन नहीं है और वैसी 'बैकिंग' (पीछे मज़बूत शक्तियाँ) नहीं है."
वहीं शिव कुमार ने कहा, "जैसा कि कमल हसन कह चुके हैं कि फ़िल्मी सितारे और फ़िल्म इंडस्ट्री हमेशा से ही सॉफ़्ट टारगेट रहे हैं. ये बात पूरी कहानी कह देती है."
कर्नाटक फ़िल्म चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष सारा गोविंदू ने इस मसले पर कहा, "हमने कोर्ट को हमारी राय बता दी है. हम ये नहीं कह रहे कि फ़िल्म को रिलीज़ करने दिया जाए या नहीं. लेकिन कन्नड़ समर्थक संगठन विरोध कर रहे हैं. ये जारी है."
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "हम लोग उन सिनेमाघरों की लिस्ट का इंतज़ार कर रहे हैं जहाँ इस फ़िल्म को रिलीज़ होना है. याचिकाकर्ताओं से हमने ये लिस्ट मांगी है. हमें जैसे ही ये लिस्ट मिल जाएगी, हम सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त करेंगे."

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