पश्चिम बंगाल: 4 दिन में दूसरे भाजपा कार्यकर्ता की हत्या

    • Author, प्रभाकर एम.
    • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

झारखंड से लगे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले में शनिवार सुबह एक और व्यक्ति का शव बरामद किया गया है.

इस शव की पहचान 32 साल के दुलाल दास के तौर पर की गई है जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वो भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता थे.

दुलाल का शव बलरामपुर इलाक़े में बिजली के एक हाई टेंशन टावर से लटका मिला.

इससे पहले बुधवार को बलरामपुर इलाक़े में ही एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता, 20 साल के त्रिलोचन महतो का शव भी पेड़ से लटका मिला था.

अपने दो नौजवान कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार ने इन दोनों मामलों की जाँच सीआईडी को सौंप दी है.

दो हत्याएं, तरीक़ा एक सा

इस हत्या की सूचना मिलते ही भाजपा नेता मुकुल राय मौक़े के लिए रवाना हो गए. उन्होंने बीबीसी को बताया, "पुरुलिया ज़िले में हमारी पार्टी के एक और कार्यकर्ता की हत्या की गई है. मैं मौक़े पर जा रहा हूँ. ये मामला गंभीर है."

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा, "दुलाल की हत्या भी उसी तरीक़े से की गई जैसे तीन दिन पहले त्रिलोचन महतो की हत्या की गई थी."

सिन्हा ने दावा किया है कि हाल के पंचायत चुनावों में बलरामपुर इलाक़े में पैरों तले की ज़मीन खिसकने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इलाक़े में आतंक मचा रखा है.

पश्चिम बंगाल में पिछले महीने हुए पंचायत चुनावों में भाजपा ने बलरामपुर इलाक़े की सभी सात ग्राम पंचायत सीटों पर कब्ज़ा कर लिया था.

'पुलिस कुछ नहीं कर सकी'

भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया है कि इन हत्याओं में तृणमूल कांग्रेस का हाथ है. उनका कहना है कि बीती रात दुलाल के अपहरण की ख़बर मिलने के बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व व्यवस्था) अनुज शर्मा से बात कर उसका पता लगाने को कहा था. लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर सकी और सुबह दुलाल का शव बरामद किया गया.

स्थानीय भाजपा नेता विद्यासागर चक्रवर्ती ने बताया कि दुलाल ने हालिया पंचायत चुनाव में पार्टी के लिए काफ़ी काम किया था और वो भाजपा का एक सक्रिय कार्यकर्ता थे.

चक्रवर्ती का दावा है कि दुलाल ने बुधवार को हुई भाजपा कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो की हत्या के विरोध में शुक्रवार को ही थाना घेराव का कार्यक्रम रखा था. दुलाल ने कहा था कि राजनीतिक हत्याओं के विरोध में पूरे राज्य में थाना घेराव करने की ज़रूरत है.

स्थानीय लोगों और विद्यासागर चक्रवर्ती के अनुसार, दुलाल थाना घेराव के कार्यक्रम से शाम को घर लौटे थे. इसके बाद वो अपनी मोटरसाइकिल लेकर निकल गए.

सीआईडी जाँच के आदेश

दुलाल के घरवालों के मुताबिक़, जब उन्होंने उनके मोबाइल फ़ोन पर कॉल की तो किसी ने लाइन काट दी. देर रात उनकी मोटरसाइकिल एक तालाब के किनारे बरामद की गई. लेकिन दुलाल का कोई पता नहीं चला. और सुबह उनका शव एक टावर से लटकता पाया गया.

राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) अनुज शर्मा ने बताया है कि दोनों हत्याओं की सीआईडी जाँच के आदेश दिए जा चुके हैं.

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि इन हत्याओं के विभिन्न पहलुओं की जाँच की जानी चाहिए. इसमें भाजपा, बजरंग दल और सीमा पार यानी झारखंड में सक्रिय माओवादियों की भूमिका की जाँच भी जरूरी है.

इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी ने 3 दिन पहले हुई त्रिलोचन महतो की हत्या को भाजपा और बजरंग दल के आपसी संघर्ष का नतीजा बताया था.

'और तेज़ हो सकता है राजनीतिक संघर्ष'

वहीं बलरामपुर इलाक़े के तृणमूल कांग्रेस नेता सृष्टिधर महतो ने इस हत्या को भाजपा की आपसी गुटबाजी का नतीजा करार दिया है.

जब त्रिलोचन महतो की हत्या की गई थी तो उनकी टी-शर्ट पर और मौक़े पर एक नोट भी मिला था.

इस पर लिखा था, ''18 साल की उम्र में भाजपा की लिए काम करने का नतीजा यही होता है. आज तेरी जान गई.''

राजनीतिक विश्लेषक विश्वनाथ चक्रवर्ती का मानना है कि 'अगले साल होने वाले लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्य में राजनीतिक संघर्ष और तेज़ होने का अंदेशा है.'

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