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प्रेस रिव्यू: तिलक को 'आतंकवाद का जनक' कहने पर विवाद
राजस्थान में कक्षा आठ के लिए जारी की गई एक किताब में बाल गंगाधर तिलक पर प्रकाशित एक लेख को लेकर विवाद बढ़ता हुआ दिख रहा है.
लेख से नाराज़ तिलक के परिजनों ने किताब पर पाबंदी की मांग की है.
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक समाज सुधारक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को किताब में 'आतंकवाद का जनक' कहा गया है.
पुणे में रह रहे बाल गंगाधर तिलक के परिवार ने राजस्थान सरकार से इसकी शिकायत की है.
परिवार ने राजस्थान सरकार से अपमानजनक टिप्पणी को किताब से हटाने और किताब को प्रतिबंधित करने की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने दलितों के व्हॉट्सऐप ग्रुप से जुड़े सात युवकों को गिरफ़्तार किया है.
अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ़्तार किए गए युवक 'बदला गैंग' नाम के एक व्हॉट्सऐप ग्रुप से जुड़े थे जिसमें हाल ही में सहारनपुर में एक दलित युवक की संदिग्ध मौत का बदला लेने की साज़िश रची जा रही थी.
पुलिस को शक़ है कि ये व्हॉट्सऐप ग्रुप यूपी में उपचुनावों से पहले माहौल ख़राब करने की साज़िश का हिस्सा हो सकता है.
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने बताया है कि सोशल मीडिया पर दलितों पर हो रहे अत्याचार के ख़िलाफ़ मुहिम चलाई जा रही है.
तेज प्रताप की दावत में लूटपाट
अंग्रेज़ी अख़बार डेकन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव की शादी में आए लोगों ने खाने की सामग्री लूट ली.
भीड़ वीवीआईपी लोगों और मीडिया के लिए लगाए गए पंडाल में घुस गई और खाने के सामान के अलावा कटलरी और प्लेटें भी लूट लीं.
शादी में हज़ारों लोगों के शामिल होने के मद्देनज़र ख़ास तैयारियां की गईं थीं.
तेज प्रताप और ऐश्वर्य राय के वरमाला डालने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के समर्थक माने जा रहे लोग पंडाल में घुस आए और खाने पर टूट पड़े.
कई मीडियाकर्मियों ने अपने साथ बदसलूकी किए जाने की शिकायत भी की है. कैटरिंग व्यवस्था करने वालों का कहना था कि लोग उनके कुछ बर्तन भी ले गए.
'घोस्ट लेक्चरर्स' का दावा लेकिन कोई सबूत नहीं
अंग्रेज़ी अख़बार द टेलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानव संसाधन मंत्रालय शिक्षा संस्थानों में 'घोस्ट लेक्चरर्स' के सबूत नहीं जुटा सका है.
मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दावा किया था कि आधार की मदद से मंत्रालय ने 80 हज़ार 'भूत लेक्चरर' पकड़े हैं.
अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी ने इस मामले में अलग-अलग सूचना का अधिकार याचिकाएं दायर कर मंत्रालय से जानकारी मांगी है.
भारद्वाज ने मंत्रालय से राज्यवार जानकारी मांगी है जबकि जौहरी ने पूछा है कि इस बारे में कोई जांच शुरू की गई है या नहीं.
हालांकि मंत्रालय की ओर से दोनों याचिकाकर्ताओं को कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका है.
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