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महाराष्ट्र: औरंगाबाद में हिंसा कैसे शुरु हुई?
- Author, निरंजन छानवाल और अमेय पाठक
- पदनाम, बीबीसी मराठी सेवा
महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में शुक्रवार को दो पक्षों में हिंसक झड़प होने के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है.
औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारांबे ने कहा है कि इस घटना में दो लोग मारे गए और 30 लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
शुरुआती जांच में ये सामने आया है कि शुक्रवार रात 10:30 बजे पानी का कनेक्शन टूटने के कारण विवाद शुरू हुआ.
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया.
मामला क्या था?
औरंगाबाद के केंद्र में शाहगंज नाम का इलाका है. इसके आस-पास मोती कारंजा, गांधी नगर, राजा बाज़ार और नवाबपुरा जैसे छोटे बड़े मोहल्ले हैं जिनमें हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय के ही लोग रहते हैं. दोनों ही समुदाय के लोग रोज़ी रोटी के लिए छोटे-मोटे काम करते हैं.
यहां के कुछ स्थानीय नेता हैं जिनका इस मोहल्लों पर काफी प्रभाव है. इसमें हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय के नेता शामिल हैं.
पुलिस भी इन नेताओं के आपसी झगड़े खत्म करने के लिए सुलह की कोशिश कर चुकी है.
बीते कल कुछ मुसलमानों के घरों के पानी के कनेक्शन काट दिए गए थे.
इसके बाद गांधीनगर में जब दोनों गुट पानी भरने के लिए आमने सामने आए तो उनके बीच झगड़ा हो गया और बस कुछ ही घंटों में स्थिति काबू से बाहर हो गई.
पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाया. लेकिन तड़के सवेरे एक गुट ने (ये गुट कौन सा था या बाहर से आया था अभी ये जानकारी नहीं है) दुकानों पर पत्थरबाज़ी की. जवाब देने के लिए दूसरा गुट भी सड़क पर निकल आया.
पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और फायरिंग की.
घटना में 62 साल के एक व्यक्ति (चाय का स्टॉल चलाते थे) और 17 साल के एक युवा छात्र की मौत हो गई है. दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम कर शव पीड़ित परिवारों को सौंपी जा चुकी हैं.
फिलहाल इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और पुलिस स्थिति की नज़र रखे हुए है.
फिलहाल हालात काबू में हैं- पुलिस
भारांबे कहते हैं, "पुलिस ने इस मामले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर हिंसा रोकने के लिए लाठीचार्ज, प्लास्टिक की गोलियां और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. और इसके बाद हालात काबू में आए."
उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह साढ़े चार बजे से शहर के गांधी नगर, मोती कारंजा, शाह गंज और राजा बाज़ार इलाके में पत्थरबाज़ी की घटनाएं सामने आई हैं.
पुलिस के मुताबिक शनिवार को सुबह दोनों पक्षों में पत्थरबाज़ी हुई. इनमें से कई लोग धारदार हथियारों से लैस थे.
इस दौरान भीड़ ने कम से कम दो दर्जन से ज़्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
भारांबे बताते हैं कि शाह गंज के चमन परिसर में स्थित दुकानें जलकर राख हो गई हैं और इस घटना के बाद से शहर में पुलिस बंदोबस्त बढ़ा दिया गया है तथा स्थिति नियंत्रण में है.
भारांबे कहते हैं, "पुलिस अपना काम कर रही है. धारा 144 लागू है. ऐसे में लोग सड़कों पर जमा होकर न निकलें. अगर पुलिस को ऐसे लोग नज़र आएंगे तो उन पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी."
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