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राहुल के पीएम बनने की इच्छा पर क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक-दूसरे पर अपने ज़ुबानी हमले करने का कोई मौका नहीं चूकते. चुनाव के मौसम में तो यह ज़ुबानी तकरार और ज़्यादा बढ़ जाती है.
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में बहुमत मिलता है तो वे देश के प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं.
राहुल के इसी बयान ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी खिंचाई करने का मौका दे दिया और बुधवार को कर्नाटक के कोलार ज़िले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने राहुल को अहंकारी और नामदार नेता करार दिया.
राहुल पर क्या कहा मोदी ने?
'राहुल अहंकारी नेता'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राहुल का बयान उनके बढ़े हुए अहंकार को दिखाता है.
''कल कर्नाटक में और भारतीय राजनीति में कुछ घटा, अचानक ही एक आदमी आता है और कहता हे कि वह प्रधानमंत्री बनेगा. उसे उनकी परवाह नहीं है जो उनके पहले इस कतार में खड़े हैं. उन्हें अपने सहयोगी दलों की भी चिंता नहीं है.''
मोदी आगे कहते हैं, ''कई नेता 40 साल से इंतजार कर रहे हैं...लेकिन वे अचानक आते हैं और अपनी इच्छा जाहिर कर देते हैं कि वे प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं.''
मोदी ने अपने ही अंदाज़ में रैली में आई जनता से पूछा, ''क्या यह कांग्रेस अध्यक्ष के अहंकार को नहीं दिखाता?''
'सहयोगियों पर भरोसा नहीं'
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर यह कहते हुए भी हमला किया सभी दल मिलकर उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खुद राहुल गांधी को अपने सहयोगियों पर भरोसा नहीं है.
मोदी ने कहा ''एक नामदार नेता जिसे अपने सहयोगी दलों पर भरोसा नहीं है, जो कांग्रेस के भीतरी लोकतंत्र की परवाह नहीं करता, जिसका अहंकार सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है और वह ख़ुद को 2019 में देश का प्रधानमंत्री घोषित कर रहा है...क्या देश ऐसे अपरिपक्व नेता को कभी स्वीकार करेगा?''
'मेरा रिमोट जनता के पास'
कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उसे 'डील पार्टी' यानि समझौते वाली पार्टी बताया.
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी तंज़ कसते हुए कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सरकार का 'रिमोट कंट्रोल' सोनिया गांधी के हाथ में रहता था जबकि पिछले चार साल से मोदी सरकार के दौरान यह रिमोट जनता के हाथ में है.
कांग्रेस को छह 'सी' से समझाया
प्रधानमंत्री ने कहा कि ''कांग्रेस को छह 'सी' से समझा जा सकता है. इसमें कांग्रेस कल्चर, कम्युनलिज्म (संप्रदायवाद), कास्टिज्म (जातिवाद), क्राइम (अपराध), करप्शन (भ्रष्टाचार) और कांट्रैक्ट सिस्टम (ठेका प्रथा) शामिल हैं. यह छह 'सी' कर्नाटक के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं. अब समय आ गया है कि राज्य से कांग्रेस की विदाई कर दी जाए.''
कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है.
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