वो लड़की जिसके साथ राहुल की शादी की अफ़वाह उड़ी

पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की एक लड़की के साथ तस्वीर फ़ेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल हो रही है.

दावा ये किया जा रहा था कि तस्वीर में दिखने वाली लड़की से उनकी शादी होने वाली है.

47 वर्षीय राहुल गांधी का नाम जब एक लड़की के साथ जुड़ा तो तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो गईं.

सोशल मीडिया पर खोज-खोजकर राहुल गांधी की लड़की के साथ तस्वीरें शेयर की जाने लगीं.

इसी बीच, तस्वीर में दिखने वाली लड़की ने इंटरनेट पर चल रहीं तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, "ये अफवाह मात्र है. अफवाह फैलाने वाले बाज आएं."

लड़की ने ये भी कहा कि जिन राहुल गांधी से उनका नाम जोड़ा जा रहा था, वो उन्हें अपना "भाई" मानती हैं.

राहुल को अपना भाई मानने वाली इस महिला का नाम अदिति सिंह हैं, जो रायबरेली सदर सीट से कांग्रेस की विधायक हैं.

अदिति ने इस अफ़वाह के पीछे इशारों-इशारों में भाजपा का हाथ बताया और इसे कर्नाटक चुनाव से लोगों का ध्यान भटकाने की साज़िश बताया.

'राखी' वाले भाई हैं राहुल

सोनिया गांधी के साथ अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों परिवारों के बीच संबंध काफी पुराने हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, "हमारे पारिवारिक संबंध काफी पुराने हैं. जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, ये पारिवारिक मुलाकातों का हिस्सा मात्र हैं."

अफ़वाहों से तंग आने के बाद उन्होंने ट्वीट कर अपने दुख का इज़हार किया.

उन्होंने लिखा, "मैं कल से बहुत अधिक परेशान हूं. सोशल मीडिया पर मेरी और राहुल गांधी जी की शादी को लेकर लगातार झूठ फैलाया जा रहा है."

उन्होंने यह साफ किया कि राहुल गांधी जी उनके 'राखी' वाले भाई हैं.

कौन हैं अदिति सिंह?

29 साल की अदिति पांच बार इलाके से विधायक रहे अखिलेश सिंह की बेटी हैं. उन्होंने राजनीति में अपना कदम 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान रखा.

माना जाता है कि वो प्रियंका गांधी की करीबी हैं और पार्टी के नेतृत्व ने उन्हें विधानसभा सीट लड़ने के लिए टिकट दिया था.

अदिति ने अमरीका के ड्यूक विश्वविद्यालय से मैनेजमेंट स्टडी में मास्टर्स की पढ़ाई की हैं.

अदिति ने विधानसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी को करीब 90 हजार वोटों से हराया था.

रायबरेली कांग्रेस पार्टी के लिए सिर्फ़ एक सीट ही नहीं, बल्कि यहां जीत की परंपरा को बनाए रखने की चुनौती भी रही है.

कांग्रेस पार्टी में उनकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके लिए खुद भाई-बहन (राहुल और प्रियंका गांधी) की जोड़ी प्रचार करने चुनावी मैदान में उतरी थी.

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