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मैं छोले भटूरे वाला अनशन नहीं कर रही हूं: स्वाति मालीवाल
- Author, सरोज सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
सफ़ेद चादर, सफ़ेद गद्दे, सफ़ेद तकिया, पास में एक सफ़ेद पानी की बोतल, कुछ पन्ने और एक कलम - पिछले चार दिन से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के बस यही साथी रह गए हैं.
दिल्ली के समता स्थल के पास सफेद टेंट में करीब 15 पुलिसवालों से घिरी वो अनशन पर बैठी हैं. उनकी मांग है कि रेप करने वालों को 6 महीने में फांसी हो.
पहले दिल्ली में आठ महीने की बच्ची के साथ रेप, फिर कठुआ और फिर उन्नाव मामला - स्वाति एक साथ सभी मामलों में इंसाफ चाहती हैं.
चार दिन बाद भी उनकी सेहत ठीक है. वो लगातार सिर्फ़ पानी पी रही हैं. उनका कहना है कि उन्हें कोई ख़ास परेशानी भी नहीं हो रही है.
लेकिन पानी के साथ ग्लूकोज़ तो नहीं ले रहीं? इस पर तुंरत जवाब देती हैं, 'मैं कोई छोले-भटूरे वाला उपवास नहीं कर रही हूं'.
डॉक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक उनका वजन आज भी 65 किलो, शुगर 74 और बीपी 125/80 ही है.
लेकिन मंच से लगातार एक ही बात हर आधे घंटे पर गूंजती है - दिल्ली पुलिस दीदी का अनशन तुड़वाना चाहती है.
लेकिन आखिर पुलिस ऐसा क्यों करना चाहती है?
बीबीसी ने मंच पर जा कर यही सवाल उनसे किया.
इस पर स्वाति का कहना है कि पिछले ढाई साल से हर जगह गुहार लगाकर थक गई हैं, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी. अब ये उनका आखिरी हथियार है. बस अब और नहीं सह सकती.
कानून में फांसी की सज़ा जोड़ देने से रेप खत्म हो जाएंगे?
इस सवाल पर स्वाति तुरंत संभल जाती है और धीरे से अपनी बाकी दो मांगें आगे बढ़ाती हैं.
वो कहती हैं सिर्फ़ कानून से ही ये हासिल नहीं हो सकता. पोक्सो में भी एक साल में जांच पूरी कर आजीवन कारावास का प्रावधान है. लेकिन ये सब असल जीवन में हो नहीं रहा. इसलिए और पुलिस चाहिए और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट भी.
स्वाति इतना कह कर ही नहीं रुकतीं. उनके मुताबिक दिल्ली में हर पुलिस स्टेशन जितने सिपाही होने चाहिए उससे आधे पुलिस वाले हैं. तकरीबन 66 हजार पुलिसकर्मियों की कमी है, सिर्फ दिल्ली में. ऐसे में रेप के मामले में आखिर सही से जांच हो तो कैसे ?
उनके मुताबिक 6 महीने में जांच पूरी होगी तो इससे दोषियों में एक डर बैठेगा.
हालांकि बच्चियों के साथ रेप के मामले में दोषी को फांसी हो ये पहल अब केन्द्र सरकार भी करने जा रही है.
13 अप्रैल को केन्द्रीय महिला एंव बाल कल्याण मंत्री ने भी इसकी पहल की.
ट्विटर पर उन्होंने 21 सेकंड का बयान जारी करते हुए कहा, "कठुआ रेप और हाल ही में हुए बच्चों के साथ रेप की घटनाओं से मैं काफी आहत हूं. मेरी मंशा है कि पोक्सो एक्ट में संशोधन लाया जाए. इस संशोधन में हम चाहते हैं कि 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ रेप करने वाले दोषियों को फांसी की सज़ा हो."
उनका कहना है कि केन्द्रीय महिला एव बाल कल्याण मंत्रालय भी इसके पक्ष में है. मंत्रालय इस पर जल्द ही एक प्रस्ताव बना कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजना चाहता है.
लेकिन स्वाति इतने से संतुष्ट नहीं हैं.
ये पूछने पर कि आखिर कब तक यूं ही अनशन पर बैठी रहेंगी, स्वाति कहती हैं, "अन्ना ने 73 साल की उम्र में 13 दिन अनशन पर बैठे थे, अरविंद केजरीवाल शुगर के मरीज़ हो कर भी 15 दिन अनशन पर बैठे तो मैं क्यों नहीं बैठ सकती?
"मुझे टाइमलाइन के साथ सरकार से एक्शन प्लान चाहिए. तभी मैं यहां से हटूंगी"
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