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उन्नाव बलात्कार केस: बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर सीबीआई हिरासत में
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक नाबालिग लड़की के रेप के अभियुक्त, भारतीय जनता पार्टी के नेता कुलदीप सिंह सेंगर से सीबीआई पूछताछ कर रही है.
सीबीआई की दस लोगों की एक टीम उन्नाव पहुँची है. एसपी राघवेंद्र सिंह इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. इस टीम के सात लोग परिवार वालों से पूछताछ कर रहे हैं. जबकि तीन लोग गाँव में लोगों से बात कर रहे हैं.
इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुलदीप सिंह सेंगर को यह कहते हुए गिरफ़्तार करने से मना कर दिया था कि वो सिर्फ़ एक अभियुक्त हैं. और गिरफ़्तारी अगर होगी तो ये काम सीबीआई करेगी, जो अब इस मामले की जाँच कर रही है.
आईपीसी की 363, 366, 376 और 506 धारा के तहत मुक़दमा दर्ज होने और चूंकि पीड़िता नाबालिग है इसलिए पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रेन फ़्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंसेस एक्ट, 2012) के तहत ये केस दर्ज किए जाने के बाद माना जा रहा विधायक कुलदीप सेंगर को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा, भले ये गिरफ़्तारी सीबीआई की टीम करेगी.
इससे पहले, गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके ये जानकारी दी कि ये मामला अब सीबीआई को सौंप दिया गया है. इसलिए कुलदीप सेंगर की गिरफ़्तारी का फ़ैसला अब सीबीआई ही करेगी.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दोनों अधिकारियों ने कहा, "विधायक कुलदीप सिंह सेंगर अभी दोषी नहीं हैं. आरोपों के आधार पर उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है. इस मामले को सीबीआई को सौंपा गया है. इसलिए अब विधायक जी की गिरफ़्तारी के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. और यही प्रचलित प्रक्रिया है."
पॉक्सो एक्ट के बावजूद?
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि सीबीआई अब इस मामले में साक्ष्य जुटाने का काम करेगी. इस दौरान पीड़िता के परिवार के लिए हमने सुरक्षा मुहैया कराई है.
लेकिन जब प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पॉक्सो एक्ट में पीड़िता के बयान के बाद अभियुक्त को गिरफ़्तार करने का प्रावधान है, तो क्या इस मामले को अलग तरह से ट्रीट किया जा रहा है? वो कैसे आज़ाद घूम सकते हैं?
इसके जवाब में ओपी सिंह ने कहा, "17 अगस्त, 2017 को जब पहली बार इस मामले की शिक़ायत की गई थी तो उसमें विधायक जी का नाम नहीं था. अभी भी वो अभियुक्त हैं. तो आप लोग बताएं कि उन्हें किस आधार पर रोका जा सकता है?"
इससे पहले लखनऊ ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक राजीव कृष्ण ने इस मामले में एसआईटी की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी.
क्या हैं आरोप?
कुलदीप सेंगर पर एक नाब़ालिग लड़की के साथ कथित तौर पर जून 2017 में बलात्कार करने का आरोप है. इस मामले में पिछले साल पीड़ित लड़की की एफ़आईआर पुलिस ने नहीं लिखी थी जिसके बाद लड़की के परिवार वालों ने कोर्ट का सहारा लिया.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसके बाद से विधायक के परिजन उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं.
वहीं लड़की का कहना है कि न्याय के लिए वह उन्नाव पुलिस के हर अधिकारी के पास गईं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई.
उनका आरोप है कि विधायक और उनके साथी पुलिस में शिक़ायत नहीं करने का दबाव बनाते रहे हैं और इसी क्रम में विधायक के भाई ने तीन अप्रैल को उनके पिता से मारपीट भी की. इसके बाद हिरासत में लड़की के पिता की मौत हो गई.