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सलमान ख़ान काले हिरण के शिकार के मामले में दोषी क़रार
क़रीब बीस साल पुराने काले हिरण शिकार मामले में सलमान ख़ान को दोषी क़रार दिया गया है.
1998 में जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्र में दो काले हिरणों का शिकार करने के आरोप में सलमान ख़ान और पांच अन्य पर ये मुक़दमा दर्ज किया गया था.
सलमान ख़ान के साथ फ़िल्म अभिनेता सैफ़ अली ख़ान और अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम का भी इसमें नाम शामिल है.
अदालत ने सलमान ख़ान को दोषी क़रार दिया है और बाक़ी सभी को बरी कर दिया है.
सलमान ख़ान के वकील उनके लिए तीन साल से कम की सज़ा की मांग कर रहे हैं जबकि सरकारी वकील ने उनके लिए छह साल की सज़ा की मांग की है.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शिकार की ये घटना तब की है जब ये सभी लोग फ़िल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के लिए जोधपुर में रुके हुए थे.
ये मुक़दमा भारत के वन्यजीव क़ानून के तहत दर्ज किया गया है जिसके तहत दोषी सिद्ध होने पर छह साल तक की सज़ा का प्रावधान है.
सलमान ख़ान और बाक़ी फ़िल्मी सितारे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते रहे हैं.
अदालत के फ़ैसले से पहले सलमान ख़ान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने अदालत में कहा कि सलमान को झूठे मुक़दमे में फंसाया गया है.
वहीं अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल 28 गवाह अदालत में पेश किए. अभियोजन पक्ष ने अदालत ने कहा कि ये फ़िल्मी सितारे निरीह वन्य प्राणियों के शिकार में शामिल थे.
इससे पहले शिकार के दो मामलों में अदालत सलमान ख़ान को अदालत दोषमुक्त कर चुकी है.
लेकिन काले हिरण के मुक़दमे की ये सुनवाई लंबी चली और इसमें कई उतार-चढ़ावे के बाद अंततः सलमान ख़ान को दोषी क़रार दिया गया है.