You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
भारत बंद: मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी में हिंसा, आठ लोगों की मौत
'भारत बंद' के बारे में अब तक जो पता है...
- एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के विरोध में भारत बंद, देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन.
- मध्य प्रदेश में हिंसक झड़पों में छह लोगों की मौत. (3 ग्वालियर, 2 भिंड और 1 मुरैना)
- भिंड में आपस में भिड़े बजरंग दल और भीम सेना.
- राजस्थान के अलवर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प, एक व्यक्ति की मौत.
- बाड़मेर में बंद समर्थकों और दुकानदारों में टकराव.
- उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में भी एक व्यक्ति की मौत.
- झारखंड, हरियाणा समेत पंजाब में जारी प्रदर्शन, कुछ जगहों पर हिंसा की ख़बरें.
कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी (प्रिवेंशन ऑफ़ एट्रोसिटीज़) एक्ट को लेकर कहा था कि इन मामलों में तुरंत गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए और शुरुआती जाँच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए.
दलित संगठन कोर्ट के इस फ़ैसले से नाराज़ हैं और उन्होंने इसके ख़िलाफ़ भारत बंद का आह्वान किया था.
सोमवार को दलितों के सड़क पर उतरने के बाद भारत के विभिन्न हिस्सों में कई बड़ी घटनाएं हुईं.
मध्य प्रदेश
- पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मकरंद देवस्कर ने बीबीसी संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली को बताया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कुल छह लोग मारे गए हैं. इनमें ग्वालियर में तीन, भिंड में दो और मुरैना में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
- देवस्कर ने दावा किया कि पाँच मौतें आपसी झड़पों के कारण हुई हैं. उन्होंने बताया कि मरने वालों में तीन जाटव, एक राजावत और एक ब्राह्मण है.
- मध्य प्रदेश से स्थानीय पत्रकार शुरैह नियाज़ी के मुताबिक़, भिंड में भीम सेना और बजरंग दल के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए.
- ग्वालियर के 6 थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. मुरैना में भी कर्फ़्यू लगा दिया गया है. साथ ही दोनों शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
राजस्थान
- स्थानीय पत्रकार नारायण बारेठ ने बताया है कि अलवर के एक पुलिस थाने के पास भीड़ और पुलिस में हुई भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
- राजस्थान में कई अन्य जगहों पर भी हिंसक झड़पें हुईं. आगजनी, वाहनों में तोड़फोड़ और हिंसा की कई घटनाएं दर्ज की गईं.
- बड़ी तादाद में लोग घायल हुए हैं. कई जगहों पर धारा-144 लगाई गई है.
- कुछ स्थानों पर पुलिस को हालात काबू करने के लिए हवाई फ़ायरिंग करनी पड़ी है.
- जयपुर में मेट्रो रेल सेवा रोकनी पड़ी है.
- बंद के दौरान सीमावर्ती बाड़मेर में बंद समर्थकों और दुकानदारों में टकराव हुआ. इसमें कई दुकानों को क्षति पहुँची है.
- बंद समर्थकों ने जयपुर में राज्य बीजेपी कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन किया.
उत्तर प्रदेश
- यूपी पुलिस के प्रवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने लखनऊ में समीरात्मज मिश्र को बताया कि हिंसक प्रदर्शन के दौरान मुज़फ़्फ़रनगर में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
- उत्तर प्रदेश में कुल 30 लोग घायल हुए हैं, जिनमें मेरठ में एक शख़्स गंभीर रूप से घायल है.
- 448 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.
- मेरठ की मेयर के पति, योगेश वर्मा को समर्थकों समेत गिरफ़्तार कर लिया गया है. योगेश पूर्व विधायक हैं और बीएसपी नेता हैं.
- उत्तर प्रदेश पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने उपद्रव की साज़िश रची. इन पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई हो सकती है.
- मेरठ में हिंसक भीड़ ने पुलिस चौकी को आग लगा दी और कोर्ट परिसर में भी आगजनी की.
- मुज़फ़्फ़रनगर में रोडवेज की एक बस को प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी, यात्रियों ने किसी तरह जान बचाई.
- दिल्ली-झांसी रेलमार्ग पर कई ट्रेनें देर से चल रही हैं.
- पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में हिंसक प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी है.
- रैपिड एक्शन फ़ोर्स समेत अन्य अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है.
- आगरा में स्थिति काफ़ी तनावपूर्ण बताई जा रही है.
झारखंड
- स्थानीय पत्रकार रवि प्रकाश के मुताबिक़, राँची में हुई पत्थरबाज़ी में सिटी एसपी अमन कुमार घायल हो गए. शहर में सवा चार सौ बंद समर्थक गिरफ़्तार किए गए.
- महिला छात्रावास में पुरुष पुलिसकर्मियों के प्रवेश और उनकी तलाशी के विरोध में छात्राओं ने प्रदर्शन किया. पूर्व मंत्री डॉक्टर गीताश्री उराँव ने छात्राओं के साथ राँची में दी गिरफ़्तारी.
- झारखंड में जगह-जगह सड़कों पर दिखे आदिवासी युवा और दलित संगठन.
- धनबाद, राँची, जमशेदपुर और जादूगोड़ा में 'भारत बंद' में शामिल कुछ लोगों को किया गया गिरफ़्तार.
- झारखंड के साहिबगंज रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर जाम लगाया गया. कई ट्रेनें प्रभावित.
हरियाणा
- स्थानीय पत्रकार मनोज ढाका के अनुसार, रोहतक में आंबेडकर चौक पर दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी.
- महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रमुख द्वार के सामने जुटे प्रदर्शनकारी.
- रोहतक शहर की मेन मार्केट किला रोड को पूरी तरह से दलित संगठनों ने करवाया बंद.
- यमुनानगर में प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज.
विवाद की तात्कालिक वजह?
कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी (प्रिवेंशन ऑफ़ एट्रोसिटीज़) एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताई थी और इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ़्तारी की जगह शुरुआती जाँच की बात कही थी.
अपने एक आदेश में जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की खंडपीठ ने कहा था कि सात दिनों के भीतर शुरुआती जाँच ज़रूर पूरी हो जानी चाहिए.
दलित संगठन इस फ़ैसले से नाराज़ हैं. हालांकि, केन्द्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में इस फ़ैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है.
'भारत बंद' पर किसने क्या कहा?
- केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा, "लोगों के विरोध को समझा जा सकता है. लेकिन विपक्ष इस पर राजनीति क्यों कर रहा है? कांग्रेस जैसी पार्टियाँ जिन्होंने आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया, वे अब उनके अनुयायियों की तरह बर्ताव कर रही हैं."
- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि सरकार की ये कैसी 'दलित-नीति' है कि न तो वो दलितों की मूर्तियां तोड़ने से लोगों को रोक रही है न उनकी हत्याएँ करने से और ऊपर से नाम व एक्ट बदलने की भी साज़िश हो रही है. ये सब क्यों हो रहा है और किसके इशारे पर, ये एक बड़ा सवाल है. क्या दलितों को सरकार से मोहभंग की सज़ा दी जा रही है?
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया है कि मध्य प्रदेश शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रदेश रहा है. कुछ लोग इसे तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. सोमवार को कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ घटी हैं. अपराधियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. मेरी अपील है कि शांति और सद्भाव बनाये रखें. अफ़वाहों पर ध्यान न दें.
- केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत बंद पर कहा, "हमने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. मैं सभी राजनीतिक पार्टियों और समूहों से शांति बनाए रखने और हिंसा न भड़काने की अपील करता हूं."
मायावती का समर्थन
भारत बंद को लेकर बसपा प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
उन्होंने कहा, "बहुजन समाज पार्टी एससी/एसटी एक्ट को लेकर हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन करती है. मुझे पता लगा है कि शांति पूर्ण प्रदर्शनों में घुसकर कुछ लोगों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की है. हम उनकी निंदा करते हैं."
मायावती ने कहा, "हिंसा की वारदातों में हमारे लोग शामिल नहीं हो सकते. जो हिंसा में शामिल हैं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)