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#HerChoice: ‘पति से मेरा कोई रिश्ता नहीं, फिर भी साथ रहती हूं’
मेरी शादी के 10 साल हो चुके हैं. इन 10 सालों में मेरे और मेरे पति के बीच सिर्फ़ एक बार जिस्मानी रिश्ता बना, हमारे हनीमून पर. उस वक़्त मुझे उसका बर्ताव सहज महसूस नहीं हुआ.
दरअसल, उसे मुझसे शादी करनी ही नहीं थी. अपने मां-बाप के दबाव में आकर उसने मुझसे शादी की थी. अपनी मां के कहने पर ही वो एक बार मेरे क़रीब आया था.
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#HerChoice भारतीय महिलाओं के वास्तविक जीवन की कहानियों पर आधारित बीबीसी की विशेष सिरीज़ है. ये कहानियां 'आधुनिक भारतीय महिला' के विचार और उनके सामने मौजूद विकल्प, उनकी आकांक्षाओं, उनकी प्राथमिकताओं और उनकी इच्छाओं को पेश करती है.
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वो भी सिर्फ़ अपनी मर्दानगी साबित करने के लिए. मुझे यह बताने के लिए कि वो नामर्द या नपुंसक नहीं है.
हनीमून की उस रात के बाद से आज तक हमारा रिश्ता सामान्य नहीं हो पाया.
मैंने कभी ख़ुद से पहल करने की कोशिश की भी, तो उसने यह कहकर मेरी फ़ीलिंग्स का अपमान किया कि मुझे सेक्स के सिवाय कुछ और सूझता ही नहीं.
इन सबका असर मेरे स्वास्थ पर भी हुआ. कम उम्र में ही मैं डिप्रेशन और तमाम दूसरी बीमारियों की शिकार हो गई.
इसके बाद भी मैंने हालात से समझौता करने की कोशिश की. सोचा कि पति-पत्नी न सही, हम अच्छे दोस्तों की तरह तो रह सकते थे. मैं नहीं चाहती थी कि हमारे बुरे रिश्ते का असर मेरी बेटी पर पड़े, लेकिन उसे ये भी मंज़ूर नहीं.
न वह मुझे तलाक़ देता है और न ही अपना बर्ताव सुधारता है. बेटी अब बड़ी हो रही है. उसे भी अपने पापा का प्यार उनके 'मूड' के मुताबिक ही मिलता है.
मैं चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही हूं क्योंकि मेरे पास न तो मायके का सपोर्ट है और न ससुराल वालों का. कई बार अकेले रहने का ख़्याल मन में आया, लेकिन डरती हूं कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरी बेटी को कौन संभालेगा?
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(हमारी सिरीज़ #HerChoice में बहुत सी पाठिकाओं ने कहा कि वे अपनी कहानियां शेयर करना चाहती हैं. यह कहानी गुड़गांव के एक दंपति की सच्ची कहानी है जिसे हमारी पाठिका मोनी बरसमीस ने भेजा है.)
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