प्रेस रिव्यूः सोनिया के घर रात्रिभोज पर जुटे 20 दलों के नेता

यूपीए की अध्यक्षा सोनिया गांधी के घर मंगलवार रात्रिभोज पर 20 विपक्षी पार्टियों के नेता एकजुट हुए.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर में बताया गया है कि मंगलवार को 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए पुख्ता रणनीति बनाने के मकसद से विपक्षी दलों की बैठक हुई.

यह बैठक सोनिया गांधी के घर पर आयोजित की गई. इस बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, टीएमसी के नेता सुदीप बंदोपाध्याय, आरजेडी से तेजस्वी यादव और उनकी बहन मीसा भारती, नेशनल कॉन्फ्रेंस से उमर अब्दुल्ला के अलावा डीएमकी, आरएलडी और सपा के नेता भी मौजूद रहे.

इस बैठक में आम आदमी पार्टी, एआईएडीएमके, शिवसेना और टीडीपी को न्यौता नहीं दिया गया था.

बैंक जारी नहीं कर पाएंगे एलओयू

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से सबक लेते हुए अब कोई भी बैंक किसी भी व्यापारिक लेन देन के लिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी नहीं कर पाएगा.

इंडियन एक्सप्रैस में प्रकाशित ख़बर के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि देश के सभी बैंकों पर आयातकों द्वारा विदेशों में की जाने वाली खरीद के वित्तपोषण के लिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग और लेटर ऑफ कम्फर्ट को जारी करने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

इसके अलावा आरबीआई ने कहा है कि व्यापारिक लेनदेन के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी अभी भी जारी की जा सकती है लेकिन उसके लिए कुछ शर्तें लगाई जाएंगी.

छात्र ने प्रोफेसर को गोली मारी

हरियाणा के सोनीपत में बीए के एक छात्र ने अपने प्रोफेसर की गोली मारकर हत्या कर दी. हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार बीए के द्वितीय वर्ष के छात्र ने अपने अंग्रेजी के प्रोफेसर को उनकी बेटी के सामने ही गोली मार दी.

यह घटना पीपली गांव के शहीद दलबीर सिंह कॉलेज की बताई जा रही है, जहां 40 वर्षीय राजेश मलिक अंग्रेजी के प्राध्यापक थे. वहीं गोली मारने वाले छात्र की पहचान जगमाल सिंह के रूप में हुई है.

अभी तक इस घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है लेकिन स्कूल के क्लर्क का कहना है कि प्रोफेसर राजेश कई बार जगमाल को लड़कियों को परेशान करने की वजह से डांट फटकार चुके थे.

अमरीका जाने वाले छात्रों में आई गिरावाट

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार अमरीका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

अखबार लिखता है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों में सख्ती बरतने की वजह से छात्रों के वीजा में गिरावट आई है.

अमरीकी गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 30 सितंबर 2017 के अंत तक उससे एक साल पहले के मुकाबले 27 प्रतिशत छात्रों के वीजा कम हुए हैं.

वहीं चीन के छात्रों के अमरीका जाने की संख्या में भी गिरावट आई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)