कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी: क्या हैं इल्ज़ाम?

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें लंदन से चेन्नई वापस लौटने के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया. इस केस में कुछ दिन पहले ही उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) एस. भास्कर रमन को भी गिरफ्तार किया गया था.

उनके ख़िलाफ़ आरोप हैं क्या?

प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल मई में कार्ति चिदंबरम के ख़िलाफ़ एक केस दायर किया था जिसमें विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफ़आईपीबी) ने क़ानूनी लिमिट से अधिक के विदेशी निवेश प्राप्त करने के लिए इनएक्स मीडिया को मंज़ूरी में अनियमितताओं का आरोप लगाया था. ये इनएक्स मीडिया में 300 करोड़ के विदेशी निवेश का मामला था जब पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे. प्रवर्तन निदेशालय ने अनुसार कार्ति चिदंबरम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है.

आईएनएक्स मीडिया द्वारा किए गए कथित अवैध भुगतानों के बारे में जानकारी के आधार पर, सीबीआई ने चिदंबरम और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एक अलग मामला दर्ज किया. सीबीआई ने पीटर और इंद्राणी मुखर्जी की मीडिया फ़र्म से टैक्स जांच को ख़ारिज करने के लिए कथित तौर पर धन प्राप्त करने के सिलसिले में चार शहरों में चिदंबरम के घरों और कार्यालयों पर छापा मारा था. इससे पहले सीबीआई कई बार कार्ति चिदंबरम से पूछताछ कर चुकी है.

इसके इलावा सितंबर 2017 में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति चिदंबरम की दिल्ली और चेन्नई में कई संपत्तियां ज़ब्त की थी. भारतीय मीडिया के अनुसार जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को पता चला कि 2जी घोटाले से जुड़े एयरसेल मैक्सिस केस में एफ़आईपीबी अप्रूवल पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के दौर में दिया गया था. साथ ही प्रवर्तन निदेशालय को यह पता चला था कि कार्ति और पी. चिदंबरम की भतीजी की कंपनी को मैक्सिस ग्रुप से किकबैक मिला था.

ख़बरों के अनुसार केंद्रीय जांच एजेंसी एयरसेल-मैक्सिस डील में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका की भी जांच कर रही है. साल 2006 में मलेशियाई कंपनी मैक्सिस द्वारा एयरसेल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के मामले में रज़ामंदी देने को लेकर चिदंबरम पर अनियमितताएं बरतने का आरोप है.

लेकिन पी चिदंरम ने हमेशा अपने और अपने बेटे के ख़िलाफ़ सभी इल्ज़ामों को ख़ारिज किया है. उनके अनुसार उनके ख़िलाफ़ इल्ज़ाम राजनीतिक प्रतिशोध है.

कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी ऐसे समय में हुई है जब संसद का नया अधिवेशन शुरू होने वाला है और कहा जाता है कि विपक्ष सरकार को पीएनबी ऋण धोखाधड़ी के मामले में बड़े पैमाने पर घेरने वाला है.

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