You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्रेस रिव्यू: पीएनबी घोटाले में एलआईसी के 1400 करोड़ डूबे
इंडियन एक्सप्रेस में छपा है कि पीएनबी घोटाले के असर एलआईसी पर भी पड़ा है. पिछले तीन दिन में एलआईसी को 1400 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है.
घोटाला सामने आने के बाद पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और गीतांजली के शेयर पिछले दिनों काफी गिरे. एलआईसी इन सभी कंपनियों में निवेशक थी.
नीरव मोदी पर कसा चौतरफ़ा शिकंजा
दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर अलग-अलग संस्थाओं की कार्रवाई जारी है.
मेहुल के खिलाफ़ भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिग की धाराओं के तहत नए मुकदमे के साथ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई जारी रही.
वहीं केंद्र प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नीरव मोदी की 29 संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया है.
विदेश मंत्रालय ने नीरव व चौकसी का पासपोर्ट निलंबित कर दिया है. अगर सात दिन के अंदर वे दोनों जवाब नहीं देते हैं तो उनका पासपोर्ट हमेशा के लिए निरस्त किया जा सकता है.
दैनिक भास्कर ने ख़बर छापी है कि यूआईडीआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा है कि आधार का डेटाबेस सुरक्षित है और इससे कोई जानकारियां लीक नहीं हुई हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसी ने बतौर पहचान-पत्र आधार कार्ड दिया है और वहां से आधार नंबर लीक होता है या उसका दुरूपयोग होता है तो यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया(यूआईडीआई) इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं होगी.
उन्होंने अख़बार के साथ बातचीत में आगे बताया कि डेटाबेस को हैकिंग से बचाने के लिए इसकी सुरक्षा को और मज़बूत करने की ज़रूरत है.
तिहाड़ कैदियों का नया हथियार : सूचना का अधिकार
हिंदुस्तान टाइम्स अखबार में छपी एक ख़बर के मुताबिक दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल के कैदी सूचना के अधिकार का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं.
"हमें इस मौसम में नींबू क्यों नहीं दिए गए?" "क्या हमें सुबह दो गिलास दूध मिल सकता है?"....ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो तिहाड़ जेल के कैदियों ने जेल प्रशासन से आरटीआई लगा कर पूछे हैं.
जेल हेडक्वार्टर को हर रोज़ औसतन दो आरटीआई मिलती हैं. दिसंबर महीने में उन्हें 70 आरटीआई मिलीं. जेल कैदियों को आरटीआई लगाने के लिए फीस नहीं देनी पड़ती.
नेताओं को बताने होंगे परिवार के नाम पर मिले सरकारी टेंडर
दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन में अब परिवार की आय और संपत्ति का स्रोत भी बताना होगा.
उम्मीदवारों को ये जानकारी भी देनी होगी कि उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य की कंपनी को कोई सरकारी टेंडर मिला है या नहीं.
अब तक उम्मीदवारों को नामांकन के वक्त अपनी, पत्नी/पति और आश्रितों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी ही देनी होती थी.
कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की, उनके जीवनसाथी और उनके आश्रितों के आंकड़ों के वक्त-वक्त पर इकट्ठा करने का तरीका बनाया जाए जिससे उनकी संपत्ति में आय से अधिक वृद्धि होने पर कार्रवाई हो सके.