You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
रोहिंग्या की वजह से जम्मू आर्मी कैंप पर हमले: विधानसभा स्पीकर
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, श्रीनगर से बीबीसी हिंदी के लिए
भारत-प्रशासित जम्मू-कश्मीर के जम्मू में शनिवार को आर्मी कैंप पर हमले की गूंज जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी सुनाई दी.
शोर-शराबा मचने के बाद सबसे पहले सदन को उस समय स्थगित किया गया जब स्पीकर ने जम्मू में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों पर विवादित बयान दिया.
स्पीकर कविंदर गुप्ता ने आर्मी कैंप पर हमले की वजह राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों की मौजूदगी को बताया है. उन्होंने कहा कि रोहिंग्या की मौजूदगी की वजह से जम्मू के आर्मी कैंप पर हमले हुए.
स्पीकर के बयान पर विपक्ष ने हंगामे के बाद सदन से वाकआउट किया, हालांकि बाद में रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़े बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया.
पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे
विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अकबर लोन ने विधानसभा में पाकिस्तान ज़िन्दाबाद के नारे लगाए.
लोन से पहले विधानसभा में भाजपा के विधायकों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए थे.
लोन ने नारे लगाने के बाद पत्रकारों से कहा, "मैं पहले मुसलमान हूँ. मेरी भावनावों को उस समय ठेस पहुंची, जब बीजेपी के विधायक "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे. मैं अपने जज़्बात पर काबू नहीं रख पाया और मैंने पाकिस्तान ज़िन्दाबाद के नारे लगाए."
लोन के नारों से नेशनल कॉन्फ्रेंस ख़फ़ा
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने लोन के बयान से पार्टी से दूर रखते हुए बताया कि पार्टी का लोन के नारे लगाने से कोई लेना-देना नहीं है.
पार्टी के प्रवक्ता जुनैद मोटो ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "मैंने अभी-अभी पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर फ़ारूख़ अब्दुल्ला से बात की, उन्होंने कहा कि लोन की सदन में नारेबाजी से पार्टी इत्तेफाक नहीं रखती. यह पार्टी के लिए अस्वीकार्य है."
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वर्किंग अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी लोन की नारेबाज़ी पर ट्वीट कर लिखा, "मैं अपने पार्टी अध्यक्ष के विचारों से पूरा इत्तेफ़ाक रखता हूं."
उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, "हमें इस समय पूरा ध्यान सुंजवान आर्मी कैंप की घटना पर देना चाहिए न कि गुमराह करने वाले नारों पर."
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस हमले को लेकर ट्वीट किया है, ''सुंजवान में आज हुआ आतंकी हमला बुरी तरह से परेशान करने वाला है. मैं दिल से इस हमले में ज़ख़्मी लोगों और उनके परिवार के साथ हूं.''
जम्मू के सुंजवान इलाके में शनिवार तड़के आर्मी कैंप पर चरमपंथियों ने हमला कर दिया और शाम तक मुठभेड़ जारी है. जम्मू में सेना के प्रवक्ता लफ्टिनेंट कर्नल देवेन्द्र आनंद ने पुष्टि की है कि अब तक सेना के दो अधिकारियों की मौत हुई है और 9 लोग घायल हुए हैं.
जम्मू से मोहित कंधारी के अनुसार सेना के प्रवक्ता के अनुसार घायलों में 5 महिलाएं शामिल हैं और दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है. उन्होंने ये भी बताया है कि मुठभेड़ में दो हमलावरों को मार दिया गया है लेकिन इलाके में अभी और भी हमलावर छिपे हो सकते हैं.
बताया जा रहा है कि हमला करने वाले चरमपंथी जैश-ए-मोहम्मद के लोग हैं. ग़ौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही जैश के हमलों की आशंका जताई थी, लेकिन चरमपंथी कहां हमला करेंगे इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी.
जम्मू के आर्मी कैंप पर साल 2018 में ये पहला हमला है. बीते महीनों में जैश ने कश्मीर में सुरक्षाबलों के तीन ठिकानों पर फिदायीन हमले किए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)