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'देवी ने मेरे सपने में आकर कहा मुझे कुर्ता-चूड़ीदार पहनाओ'
क्या आपने किसी मंदिर में देवी को चूड़ीदार-कुर्ता पहने देखा है?
नहीं देखा होगा.
तमिलनाडु के नागापट्टनम ज़िले में भी किसी ने नहीं देखा था.
इसलिए दो फरवरी को जब मईलादुतुरई शहर के एक मंदिर में देवी अचानक चूड़ीदार और कुर्ता पहने दिखीं तो भक्तों में ग़ुस्सा फैल गया.
वाक़या मयूरनाथस्वामी मंदिर का है
मंदिर के दो पुजारियों राजू और कल्याण ने एक सुबह देवी को दर्शन के लिए तैयार करते समय कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा पहना दिया.
दर्शन के लिए मंदिर आए लोगों को यह पसंद नहीं आया. उन्होंने मैनेजमेंट से शिक़ायत कर दी.
मैनेजमेंट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पुजारियों को बर्ख़ास्त कर दिया.
मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी अंबालावाना थंबीरान ने बताया, "हर मंदिर के अपने नियम होते हैं. वे पहले जिस निजी मंदिर में काम करते थे वहां देवी को बच्ची मानकर ऐसे ही तैयार किया जाता था. शिक़ायत मिलने पर हमने उन्हें बर्ख़ास्त कर दिया है. साथ ही नोटिस देकर 90 दिन में जवाब देने के लिए कहा है."
'देवी ने सपने में आकर मुझसे कहा...'
नौकरी से निकाले गए पुजारी राजू ने बीबीसी को बताया कि "मैं अपने पिछले मंदिर में भी भगवान को दर्शन के लिए तैयार करता था. जब मैंने इस मंदिर में काम शुरू किया तो देवी मेरे सपने में आईं और मुझसे कहा कि मुझे ऐसे सजाओ. लेकिन मैनेजमेंट को ये पसंद नहीं आया और उन्होंने मुझे निकाल दिया. मैं अब डिप्रेशन में हूं. लेकिन मैं मैनेजमेंट को तफ़्सील से जवाब भेज दूंगा."
मंदिर के एक और पुजारी ने बताया कि "दोनों पुजारियों ने देवी को कुर्ता सलवार पहनाते वक़्त मंदिर के नियमों का ख़्याल नहीं रखा. हमने बाक़ी पुजारियों को ऐसा न करने के लिए कहा है."
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