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इकोनॉमिक सर्वे के क्या हैं बजट के लिए संकेत?
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक फ़रवरी को आम बजट पेश करने से पहले सोमवार को इकोनॉमिक सर्वेक्षण पेश किया.
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले ये इस सरकार का आख़िरी पूर्ण बजट होगा.
सियासी हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी सरकार लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा कर सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिनों पहले एक निजी टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ़ किया कि ये बजट लोकलुभावन नहीं होगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संसद में इकोनॉमिक सर्वेक्षण 2018 पेश किया और इसमें भी साफ़ संकेत हैं कि बजट में ज़ोर निवेश पर रहेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कई घोषणाएं हो सकती हैं.
आर्थिक सर्वे में क्या ख़ास -
- अगले साल देश की आर्थिक ग्रोथ 6.75 फ़ीसदी के मुक़ाबले 7 से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है.
- जीएसटी वसूली से सरकार की आय में बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल करीब 12 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली, जो कि अन्य टैक्स के मुकाबले काफ़ी बेहतर है.
- भारत में ऐसा पहली बार हुआ जब पांच राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना का भारत के कुल निर्यात में 70 प्रतिशत योगदान रहा.
- 2017-18 के दौरान महंगाई में कमी रही. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की महंगाई दर 3.3 थी, जो कि पिछले छह वित्तीय वर्षों में सबसे कम है.
- जीएसटी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
- सर्वे में सुझाव दिया गया है कि मध्यम अवधि में नौकरी, शिक्षा और कृषि पर खास तौर पर फोकस करने की ज़रूरत है.
आर्थिक सर्वेक्षण में स्पष्ट है कि सरकार रोजगार, शिक्षा, खेती पर फोकस कर रही है और इसके लिए बजट में नई नीतियों की घोषणा हो सकती है.
निजी निवेश को बढ़ाने और निर्यात पर ज़ोर देने के लिए भी सरकार कुछ एलान कर सकती है.
सर्वे के मुताबिक
- गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी और नोटबंदी के बाद करीब 18 लाख नए करदाता बढ़े हैं.
- वित्त वर्ष 2018-19 में कच्चे तेल की कीमतों में 12 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है.
- सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में 8.3 फ़ीसदी रहने का अनुमान है.
- कृषि ग्रोथ 2.1 फीसदी रहने की उम्मीद है.
इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण बढ़ रहा है और ये ग्रोथ के लिए अच्छा संकेत है. सर्वे के मुताबिक ट्रैक्टर की बिक्री में अच्छी बढ़त देखने को मिली है. इससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि वित्त मंत्री के बजट भाषण में कृषि उपकरणों के लिए कुछ घोषणाएं संभव हैं.
इसके अलावा, जिस तरह से सर्विस सेक्टर में ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, उससे लगता है कि सरकार नई नौकरियों के लिए बजट में विशेष घोषणाएं कर सकती है.
आर्थिक सर्वेक्षण की अहमियत
वित्त मंत्रालय सालाना बजट से ठीक पहले हर साल संसद में देश के आर्थिक विकास का लेखा-जोखा पेश करता है. आर्थिक सर्वेक्षण में पिछले 12 महीने के दौरान अर्थव्यवस्था के अलग-अलग मोर्चों पर किए गए कार्यों का अवलोकन किया जाता है.
संसद के दोनो सदनों के समक्ष पेश किए जाने वाले इस दस्तावेज़ में सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं की उपलब्धियों, आर्थिक नीतियों और अर्थव्यवस्था की संभावनाओं के विभिन्न पहलुओं का जिक्र किया जाता है.
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