तुग़लक़शाही है आप के 20 विधायकों पर राष्ट्रपति का फ़ैसला: यशवंत सिन्हा

लाभ के पद के उल्लंघन के मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की विधायकी चुनाव आयोग की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति द्वारा ख़त्म किए जाने को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने तुग़लक़शाही फ़ैसला क़रार दिया है.

यशवंत सिन्हा ने इस मामले में ट्वीट किया है, ''आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने का राष्ट्रपति का फ़ैसला न्याय की प्रकृति के ख़िलाफ़ है. इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही हाइकोर्ट के फ़ैसले का इंतजार किया गया. यह तुग़लक़शाही का सबसे बुरा फ़रमान है.''

आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नज़फगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने 20 विधायकों की सदस्यता ख़त्म होने पर कहा, ''मैं हमेशा से कहता आया हूं कि ये सब ऊपर वाले का ही चमत्कार है,

उसे भी पता होगा की ये लोग तीन साल बाद हमारे 20 विधायकों को अयोग्य ठहरा देंगे, इसलिए ऊपर वाले ने हमे 70 में से 67 सीटें दीं.''

आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने राष्ट्रपति के इस फ़ैसले की आलोचना की है. आप नेता गोपाल राय ने कहा, "हमारे काम रोकने के लिए बीजेपी ने साज़िशन दिल्ली के ऊपर चुनाव थोपा है, आचार संहिता लागू होते ही सभी काम रुक जाएंगे, आगे भी यही हाल होगा जब लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता के चलते भी सभी काम रुक जाएंगे, यह एक गंभीर षड्यंत्र है."

नई दिल्ली से बीजेपी की लोकसभा सांसद मीनाक्षी लेखी ने इस फ़ैसले पर कहा है, ''दिल्ली से राज्यसभा में होने वाले नामांकन के बाद यह फ़ैसला आया है. इसका मतलब यह हुआ कि चुनाव आयोग अपने हिसाब से काम कर रहा था. जैसा कि अरविंद केजरीवाल आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव आयोग ने दबाव में काम किया है उसमें कोई सच्चाई नहीं है. ये संवैधानिक संस्थाएं हैं और इनका काम क़ानून का पालन करना है.''

दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को फ़ायदा पहुंचाया है. माकन का कहना है कि बीजेपी ने जानबूझकर इस फ़ैसले में तीन हफ़्तों से ज़्यादा की देरी कराई. माकन ने कहा, ''अगर फ़ैसला 22 दिसंबर के पहले आ जाता तो ये विधायक राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं कर पाते.''

उधर आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष ने भी इस फ़ैसले पर नाराज़गी जताई है. आशुतोष ने ट्वीट कर कहा, ''राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ख़ुद सोचना चाहिए कि क्या उन्होंने आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने वाली सिफ़ारिश पर हस्ताक्षर उस पद की गरिमा बढ़ाई है?''

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