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प्रेस रिव्यू: 'बगावत' के बाद दरकिनार हुए सुप्रीम कोर्ट के चार जज?
सुप्रीम कोर्ट में किसी बेंच को केस दिए जाने में लोकतंत्र की अवहेलना के चार जजों के आरोप के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सात केसों की सूची जारी की है, जिन्हें संवैधानिक पीठ सुनेगी.
लेकिन इस बेंच में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले चार जजों में से कोई भी शामिल नहीं है.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के अनुसार, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कूरियन जोज़ेफ़ 18 जनवरी से सुनवाई करने जा रही संवैधानिक पीठ में नहीं हैं.
इससे पहले आधार को चुनौती देने वाले मामले के लिए संवैधानिक पीठ का गठन किया गया था, जिसमें मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायाधीश एके सीकरी, एएम खनविलकर, डीवाई चंद्रचूड़ और अशोक भूषण शामिल थे.
अब जिस संवैधानिक पीठ का गठन किया गया है. वो समलैंगिकता, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के दाखिला देने जैसे सात मामलों की सुनवाई करेगी.
इसके अलावा सीबीआई जज बीएच लोया की मौत की जांच की मांग वाली दो याचिकाओं की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस अरुण मिश्रा और मोहन एम शांतनागौदर की पीठ करेगी.
हर तीसरे दिन एक सैनिक की मौत
11 लाख की संख्या वाली भारतीय सेना बीते 13 सालों से हर तीसरे दिन एक जवान को खो देती है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, भारतीय सेना द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला है कि जनवरी 2005 से दिसंबर 2017 तक 1,684 जवानों की ड्यूटी के दौरान मौत हुई है. यह मौतें युद्धविराम का उल्लंघन, चरमपंथ के खिलाफ़ कार्रवाई और शांति मिशन के दौरान हुई हैं.
आंकड़ों के अनुसार, 2016 में 11 अफ़सरों समेत 86 जवान और 2015 में चार अफ़सरों समेत 85 जवानों की जान गई.
हरियाणा की जेलों में गौशालाएं
गायों की सेवा के लिए हरियाणा की जेलों में गौशाला बनाई जाएगी.
नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला ने कहा है कि कैदियों को गोसेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा.
उनका कहना है कि मार्च से राज्य की छह जेलों में गोशाला बनाने का काम शुरू होगा. जिन जेलों में 70 से 80 एकड़ ज़मीन उसको गोशाला के लिए चुना जाएगा. भानी राम के अनुसार, इससे कैदियों को काम के अलावा चाय के लिए दूध भी मिल जाएगा.
वॉशिंग अलाउंस मिलेगा 21 हज़ार
सुप्रीम कोर्ट के अफ़सरों को अब हर साल 21 हज़ार रुपये तक 'वॉशिंग अलाउंस' मिला करेगा.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, इतनी रक़म तक का अलाउंस अभी तक एसपीजी, सेना, वायु सेना और नौसेना के अधिकारियों को ड्रेस और वॉशिंग अलाउंस के रूप में मिला करता था.
अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए यह रक़म 10 हज़ार रुपये सालाना है. सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल समेत शीर्ष पद के अफ़सरों को अब 1,750 रुपये हर महीने वॉशिंग अलाउंस मिला करेगा.
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