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प्रेस रिव्यू: असम में अलर्ट पर क्यों है सेना?
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक, असम की सरकार ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी का मसौदा जारी कर दिया है. इसका मक़सद बांग्लादेश से आकर अवैध रूप से असम में बसे लोगों को वापस भेजना है.
मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने इस क़दम को गैर हिंदुओं को राज्यविहीन बनाने की कोशिश बताया है. 2016 में सत्ता में आई बीजेपी ने अवैध रूप से रह रहे लोगों के ख़िलाफ़ क़दम उठाने का वादा दिया था.
सरकार का कहना है कि इस लिस्ट में उन लोगों का नाम है, जो राज्य में रहने का दावा कर सकते हैं. एनआरसी के मद्देनज़र असम में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं और सेना को अलर्ट पर रखा गया है.
अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक, देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और पेट्रोल पंप पर जेनेरिक स्टोर खुलेंगे.
केंद्र सरकार दिल्ली में जनवरी महीने में पहला स्टोर खोलकर इसकी शुरुआत कर सकती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, साल 2018 में करीब तीन हज़ार जेनेरिक स्टोर खोलने का लक्ष्य है और जनवरी से मार्च तक 1500 जेनेरिक स्टोर खोले जाएंगे.
इन जेनेरिक स्टोर के खुलने से दवाओं की किल्लत दूर होने और रोगियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
हिंदुस्तान की ख़बर के मुताबिक, रेलवे नए साल में यात्रियों को तोहफा देने की तैयारी कर रहा है.
अब चलती ट्रेन में कैश नहीं होने की स्थिति में यात्री क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे. टीटीई को इस काम के लिए मशीनें मुहैया कराई जाएंगी.
रेलवे 15 जनवरी से इस योजना को लागू कर सकता है.
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल बीते कुछ दिनों से वित्त मंत्रालय न मिलने से नाराज़ चल रहे थे.
अब अमित शाह के दखल और वित्त मंत्रालय मिलने के बाद पटेल मान गए हैं और उप मुख्यमंत्री का पदभार संभाल लिया है.
मीडिया से बात करते हुए पटेल ने कहा, ''आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मेरी मुलाकात हुई और उन्होंने वादा किया है कि मेरी मांगें मान ली गई हैं. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी राज्यपाल को इस बाबत एक पत्र सौंपेंगे. मेरी मांगें मानने के लिए मैं पार्टी का शुक्रिया अदा करता हूं.