2जी घोटाला- हमारी जांच की सुप्रीम कोर्ट ने भी तारीफ़ की थी: एपी सिंह

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चुनावी भाषणों से लेकर विदेशी दौरों तक कांग्रेस को जिस 2जी घोटाले के लिए घेरा जाता था, सबूतों के अभाव में स्पेशल कोर्ट ने इस घोटाले से जुड़े पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोड़ी समेत सभी 17 लोगों को गुरुवार को बरी कर दिया.
इन लोगों के ख़िलाफ़ धारा 409 के तहत आपराधिक विश्वासघात और धारा 120बी के तहत आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए थे, लेकिन अदालत को कोई सबूत नहीं मिला है.
इस केस में पहले जांच टीम का नेतृत्व और फिर चार्जशीट दायर करने का काम सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह ने किया था. इस फैसले के बाद बीबीसी संवाददाता देविना गुप्ता ने एपी सिंह से ख़ास बातचीत की.
'फैसला हैरान करने वाला'
कोर्ट के फैसले पर एपी सिंह कहते हैं, "मैं अदालत में मौजूद नहीं था, लेकिन ये फैसला हैरान करने वाला है. हमारी जांच से जुड़ी अहम बातें चार्जशीट के पहले 60 पन्नों में हैं. हमारे पास इस बात के पुख्ता सबूत थे कि राजा की ओर से स्पेक्ट्रम का लाइसेंस देने में अनियमितताएं बरती गई थीं."
वो कहते हैं, "पहले आओ, पहले पाओ की पॉलिसी के तहत राजा ने अपनी पसंद के लोगों के लिए शर्तें बेहद आसान कर दीं. इसमें यूनीटेक और स्वैन टेलिकॉम का नाम सबसे पहले आता है."

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एपी सिंह बताते हैं, "लाइसेंस लेने के लिए आवेदन की तारीख़ एक अक्टूबर थी. लेकिन राजा ने 25 सितंबर के बाद से आवेदन लेना बंद कर दिया गया. ऐसा सिर्फ यूनीटेक और स्वैन को फ़ायदा पहुंचाने के लिए किया गया था."
वो बताते हैं, "हमें अपनी जांच में स्वैन टेलिकॉम की ओर से एक मध्यस्थ के ज़रिए करुणानिधि की पत्नी दयालू अम्मा और कनिमोड़ी के मालिकाना हक वाली टेलीविज़न कंपनी को 200 करोड़ रुपये दिए जाने की बात भी पता चलती है. ये रकम कभी वापस नहीं की गई."
'सुप्रीम कोर्ट ने तारीफ़ की थी'
एपी सिंह ने कहा "हमारी जांच की सुप्रीम कोर्ट ने भी तारीफ़ की थी. ऐसे में जांच और बेहतर होने की बात पर मैं कुछ नहीं कहूंगा."

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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच पर निगरानी रखने के लिए निरीक्षण समिति बनाने की भी बात कही थी. इस पर एपी सिंह कहते हैं, "हां, ये सही है कि शुरुआत में कोर्ट ने समिति बनाए जाने की मांग की थी. लेकिन हमने इसका विरोध किया था."
इस मामले को लेकर क्या जांच एजेंसियों को बेहतर रणनीति के साथ अपील करनी चाहिए. इस सवाल पर एपी सिंह कहते हैं, "ये तो सीबीआई ही तय करेगी."
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