बीजेपी मंत्री की सेक्स सीडी का मामला: अब तक जो मालूम है

छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के एक मंत्री से जुड़ी एक कथित सेक्स सीडी के मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने ग़ाज़ियाबाद से गिरफ़्तार किया है.
ग़ाज़ियाबाद की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड दिए जाने के बाद उन्हें पुलिस रायपुर ले जा रही है.
यूपी पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार सुबह क़रीब तीन बजे उन्हें इंदिरापुरम के उनके घर से गिरफ़्तार किया था.
विनोद वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग मंत्री राजेश मूणत की उनके पास सीडी है और इसीलिए उन्हें गिरफ़्तार किया गया है.
दूसरी ओर, रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन करके राजेश मूणत ने इस सीडी को फर्ज़ी क़रार दिया है.
इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी अपना पक्ष रखा है. जानें वो बातें जो अब तक मालूम हैं-
1-छत्तीसगढ़ पुलिस की दलील

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छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि उसने विनोद वर्मा के घर से 500 सीडी बरामद की है.
पुलिस ने बताया कि विनोद वर्मा को 506 (आपराधिक धमकी) और धारा 384 (जबरन वसूलनी/ब्लैकमेलिंग) के आरोपों के तहत गिरफ़्तार किया गया है.
पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर में रायपुर के पंढरी थाने में इस संबंध में एक एफ़आईआर दर्ज हुई है.
हालांकि एफ़आईआर की कॉपी अभी पुलिस ने उपलब्ध नहीं कराई है लेकिन कहा जा रहा है कि इसमें विनोद वर्मा का नाम शामिल नहीं है.
पुलिस ने दावा किया कि 'सीडी गीता कॉलोनी में बनी. जब हम सीडी बनाने वाले के पास पहुंचे तो उसने बताया कि कुछ लोग 25 तारीख़ को सीडी बनवाने के लिए उसके पास आए थे.'
उनके अनुसार, 'उसे सीडी की 1000 कॉपी बनाने को कहा गया था. जस्ट डायल से सीडी बनवाने वाले का नंबर मिला.'
2-क्या कहना है पत्रकार विनोद वर्मा का?

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कोर्ट में पेश होने से पहले विनोद वर्मा ने कहा, "मेरे पास एक मंत्री की सेक्स सीडी है. इसी कारण मुझे निशाना बनाया जा रहा है."
हालांकि बाद में सीडी से संबंधित सवाल पर विनोद वर्मा ने कहा, "मेरे पास सेक्स वीडियो पेन ड्राइव में है. पुलिस की ओर से पेश सीडी से मेरा कोई लेना-देना नहीं है."
हालांकि ग़ाज़ियाबाद की स्थानीय कोर्ट से ट्रांज़िट रिमांड मिलने के बाद विनोद वर्मा ने पत्रकारों से कहा, "वो राजेश मूणत की सीडी है, जो मेरे पास थी."
उन्होंने कहा, "अब बहुत कुछ खुल जाएगा."
इससे पहले कोर्ट में वर्मा के वकील ने कहा कि 'कोई रिपोर्ट नहीं है मेरे मुवक्किल के ख़िलाफ़, इनको कोई पहले से नोटिस भी नहीं दिया गया, 500 सीडी की बरामदगी की जो बात पुलिस कर रही है, उसे वो ख़ुद ले कर आई थी.'
वकील की दलील थी कि गुरुवार को दोपहर में एफ़आईआर दर्ज हुई और रात में तीन बजे ही उन्हें पुलिस ने उठा लिया, जिन मामलों में उन्हें गिरफ़्तार किया गया है, इसमें अधिकतम तीन साल की सज़ा है, इसलिए ज़मानत दी जाए.
उन्होंने कहा, "रंगदारी के लिए मेरे मुवक्किल ने कोई कॉल नहीं किया. जिसका वेतन 36 लाख रुपये है, वो 2 लाख रुपये क्यों मांगेगा."
उन्होंने कहा कि बरामदगी के नाम पर 'इनके पास केवल लैपटॉप मिला है.'
3-छत्तीसगढ़ के आईजी का क्या कहना है?

एक प्रेस कांफ्रेंस में छत्तीसगढ़ के आईजी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि पत्रकार विनोद वर्मा ने एक आपत्तिजनक सीडी की 500 प्रतियां बनावाई थीं, इसकी पुष्टि होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.
हालांकि उन्होंने कहा कि सीडी बनाने वाले या उसकी कॉपी करने वाले, इनमें से किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने सीडी नहीं देखी है और नहीं जानते हैं कि उसमें क्या है.
उन्होंने कहा कि "जिस आदमी ने सीडी बनाई है, उसको जब पुलिस ने तलब किया तो उसने सीडी बनवाने वाले व्यक्ति के साथ बातचीत के संदेश दिखाए."
प्रदीप गुप्ता के अनुसार, "वह नंबर विनोद वर्मा का था, जिसके बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ छत्तीसगढ़ की पुलिस ने उन्हें उनके निवास से हिरासत में लिया."
उनके मुताबिक, "गुरुवार की दोपहर 2 बजे के आसपास रायपुर के प्रकाश बजाज नामक व्यक्ति ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उनके लैंड लाइन नंबर पर फ़ोन आया है कि उसके 'आका' की अश्लील सीडी फ़ोन करने वाले के पास है और अगर उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो उसके 'आका' को बदनाम कर दिया जाएगा."
रायपुर में जब पत्रकारों ने आईजी से पूछा कि क्या ये फ़ोन विनोद वर्मा ने किए थे तो उन्होंने इससे इनकार किया, उन्होंने कहा कि ब्लैकमेलिंग के लिए फ़ोन किसने किया था इसकी जाँच चल रही है.
4-मंत्री राजेश मूणत का क्या कहना है?

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लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, "सेक्स सीडी सौ परसेंट फ़र्जी है, मुझे किसी का फ़ोन नहीं आया. मैंने सोशल मीडिया पर ये ख़बर देखी."
जब पत्रकारों ने पूछा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी किसी सीडी का दावा कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, "अगर भूपेश बघेल के पास कोई सीडी है तो वो क्यों नहीं उसे जारी कर देते."
राजेश मूणत ने कहा कि 'कांग्रेस जिस भी एजेंसी से चाहें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करा लें.'
उन्होंने कहा, "भूपेश बघेल और उनकी टीम की ओर से ये साजिश रची गई. और मैं चुनौती देता हूं कि अगर बघेल के पास कोई प्रमाण या सीडी है तो वो इसके बारे में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं."
5- आरोप और गिरफ़्तारी के बाद अब क्या?

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धारा 506 (आपराधिक धमकी) के आरोप में अधिकतम दो साल की सज़ा या ज़ुर्माना या दोनों हो सकता है.
लेकिन अभी तक विनोद वर्मा की ओर से धमकी देने वाले किसी कॉल की बात पुलिस ने नहीं की है.
धारा 384 (जबरन वसूली/ब्लैकमेलिंग) के मामले में दोषी पाये जाने पर अधिकतम तीन वर्ष की सज़ा या ज़ुर्माना या दोनों हो सकता है.
इस बारे में भी पुलिस ने अभी कोई ठोस जानकारी नहीं दी है.
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