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चुनावों से पहले गुजरात सरकार ने की सौगातों की बौछार
- Author, दीपल कुमार शाह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
चुनाव आयोग ने बुधवार को विवादों और आरोपों के बाद गुजरात चुनावों का कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है जिसके तुरंत बाद से राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है यानी अब सरकार किसी भी नई योजना की घोषणा नहीं कर सकेगी.
हिमाचल के चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा 12 अक्तूबर को की गई थी जिसके 13 दिन बाद गुजरात की तारीख़ों का ऐलान किया गया, इस बीच आरोप लगे कि चुनाव आयोग जान-बूझकर देरी कर रहा है ताकि नरेंद्र मोदी को बड़ी योजनाओं की घोषणा करने का समय मिल जाए.
12 अक्तूबर से 25 अक्तूबर के बीच कई बड़ी सरकारी योजनाओं का ऐलान किया भी गया. चुनाव से ठीक पहले हुई घोषणाओं पर डालते हैं एक नज़र--
किसानों को राहत
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने 16 अक्तूबर को किसानों को तीन लाख रुपए तक का कर्ज़ बिना ब्याज के देने का ऐलान किया था जिससे सरकार पर 700 करोड़ रुपए का भार पड़ने का अनुमान है. ड्रिप सिंचाई के उपकरणों पर 18 प्रतिशत जीएसटी का पूरा भार अब सरकार उठाएगी.
पाटीदारों को पटाने की कोशिश
गुजरात सरकार पाटीदार आंदोलन के दौरान पटेल समुदाय के लोगों पर दर्ज किए मुक़दमे ख़त्म करने का फ़ैसला लिया है. पाटीदार समुदाय से जुड़े ओमिया माताजी संस्थान को ऊंझा में पर्यटन सेवाओं के विकास के लिए आर्थिक मदद देने की घोषणा की है.
महिलाओं के लिए योजनाएं
मां वात्सल्य योजना का लाभ अब तक 1.5 लाख रुपए सालाना कमाने वाली महिलाओं को मिलता था लेकिन अब ये सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख की गई. कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिला कर्मियों के लिए 90 दिनों का मातृत्व अवकाश देने की घोषणा की गई. आशा कार्यकर्ताओं का वेतन 50 फ़ीसदी बढ़ाया गया.
कर्मचारियों को राहत
उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने नगरपालिका कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का फ़ायदा और आईटीआई के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी और साथी सहायक शिक्षक (शिक्षामित्र) का वेतन 10500 रुपए प्रति महीने से बढ़ाकर 16222 रुपए किया था. विद्या सहयाकों का वेतन 16500 से बढ़ाकर 25000 किया गया. चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि की गई. सरकार ने ठेके पर काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए 11 दिन की कैज़ुअल छुट्टी देने. काम के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर परिजनों को दो लाख रुपए मुआवज़ा देने का ऐलान किया. सरकार ने इन कर्मचारियों को ढाई सौ रुपए का यात्रा भत्ता भी देने की घोषणा की है.
बड़ी योजनाओं का ऐलान
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने 16 अक्तूबर को 900 करोड़ के प्रोजेक्टों का उद्घाटन किया था.
गुजरात सरकार ने अहमदाबाद शहर में साढ़े छह हज़ार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को भी मंज़ूरी दे दी है. गुजरात सरकार ने अहमदाबाद के रिंग रोड पर टोल टैक्स ख़त्म कर दिया था.
प्रधानमंत्री ने दी सौगातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी वडोदरा यात्रा के दौरान 100 करोड़ रुपए के सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 160 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले ट्रांसपोर्ट हब प्रोजेक्ट, 125 करोड़ की जनमहल सिटी ट्रांसपोर्ट हब योजना, 267 करोड़ की लागत से बनने वाले 'वेस्ट टू एनर्जी सेंटर' जैसी योजनाओं का शिलान्यास किया या घोषणा की.
मोदी ने 6 करोड़ के वेटरनिटी हॉस्पिटल, 265 करोड़ के दो फ्लाइओवर, 166 करोड़ के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी ऐलान किया.
वरिष्ठ पत्रकार अजय उमट मानते हैं कि गुजरात सरकार ने चुनावों की घोषणा में हुई देरी का पूरा फ़ायदा उठाया है और समाज के कई वर्गों को आकर्षित करने की कोशिश की है.
उमट कहते हैं, "भाजपा सरकार ने समाज के असंतुष्ट या असंगठित वर्गों को लुभाने की कोशिशें की हैं. सरकार ने रविवार को भी कैबिनेट की बैठक कर कई योजनाओं का ऐलान किया है. ऐसे में सरकार ने मतदाताओं को रिझाने की हर मुमकिन कोशिश की है."
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