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फ़्रांस नहीं आया रास तो लौट आई 'मिठाई'
- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, जयपुर से
मुहब्बत तो ख़ूब मिली. मगर दूर देश फ़्रांस में 'मिठाई' का मन नहीं लगा. कोई पांच महीने पहले फ़्रांस की शोधार्थी मरियम गलियों में आवारा घूमती इस कुतिया को फ़्रांस ले गई थीं.
मरियम जब उसे वापस भारत ले आईं तो अधिकारियों ने नियम क़ायदों का हवाला देकर फिर फ़्रांस भेजने को कह दिया.
इस उलझन में 'मिठाई' को चार दिन दिल्ली में हवाई अड्डे के क्वारेंटाइन सेंन्टर में गुजारना पड़ा. आखिरकार वापसी की इजाज़त मिल गई.
मरियम ने बीबीसी को बताया, "अब मिठाई को जयपुर की वो आबो-हवा और गलियां फिर मिल जाएंगी जहां से उसे फ़्रांस ले जाया गया था."
मरियम उस वक़्त जयपुर के पास एक निजी विश्विद्यालय में शोध विद्यार्थी थीं, जब उन्हें जयपुर में 'मिठाई' मिली और दोनों में दोस्ती हो गई.
फ़्रांस रास नहीं आया मिठाई को
मरियम का कहना है कि जब पढ़ाई पूरी हुई तो उसे 'मिठाई' का बिछुड़ना सहन नहीं हुआ. उन्होंने उसे साथ फ़्रांस ले जाने का फैसला किया तो क़ानूनी अड़चनें आ गईं.
मरियम कहती हैं, "सरकारी दफ़्तरों और अफ़सरों से कई बार मुलाक़ात के बाद ही मिठाई को फ़्रांस ले जाने की इजाज़त मिली. लेकिन मिठाई को फ़्रांस रास नहीं आया. वो बीमार रहने लगी. डॉक्टरों से सलाह मशविरा किया, मगर कोई हल नहीं निकला."
अपनी दोस्त को गुमसुम रहते देख मरियम को अच्छा नहीं लगा. वो कहती हैं कि 'अगर मिठाई ऐसे ही रहती तो उसकी सांसें उखड़ जातीं या फिर डॉक्टर उसे इंजेक्शन से मौत की सलाह दे देते.'
मरियम को लगा यही ठीक होगा कि मिठाई को वापस भारत में उसके परिचित माहौल में लौटा दिया जाए.
मरियम कहती हैं, "भारत लौटने पर मुझे झटका लगा जब एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया."
मरियम के मुताबिक़, काफी बहस के बाद बुधवार को को वापसी की इजाज़त मिल गई. मरियम ने जयपुर के अपने दोस्तों की सलाह पर ही इसका नाम 'मिठाई' रखा था.
'मगर बिछोह उदास कर देता है'
जयपुर में डॉग ट्रेनर वीरेन शर्मा मरियम और मिठाई की मदद के लिए दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचे थे.
उन्होंने बताया, "शायद फ्रांस का सर्द मौसम मिठाई को रास नहीं आया. मुझे लगता है कि अगर उसकी तबियत इसी तरह नासाज़ रहती तो उसे डॉक्टर इंजेक्शन से मौत दे देते. मिठाई का यह किस्सा दो देशों के बीच एक चौपाये को लेकर कानूनी भूलभुलैया से ज़्यादा इंसान और जानवर के बीच मुहब्बत की दास्ताँ बन गया है."
मरियम ने बताया कि उन्हें मिठाई, पिछले साल जनवरी में बहुत निरीह हालत में मिली थी.
वो बताती हैं कि 'जल्द ही उन दोनों के बीच ऐसा रिश्ता बन गया जिसे परिभाषित नहीं, मगर महसूस किया जा सकता है.
अब उन्हें इस बात की ख़ुशी है कि मिठाई को उसकी पसंदीदा गली मिल जाएगी. मगर यह भी सच है कि यह बिछोह उदास कर देता है.
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