प्रेस रिव्यू: ‘बालिग बेटी पर पिता का नियंत्रण नहीं’

केरल के मुस्लिम लड़के और हिंदू लड़की के विवाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पिता अपनी बालिग बेटी पर नियंत्रण नहीं रख सकता है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के अनुसार, केरल के कथित लव जिहाद केस में केरल हाईकोर्ट ने शादी ख़त्म करने के फ़ैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है, "वह 24 साल की है. आप उस पर कैसे नियंत्रण रख सकते हैं. पार्टियों की सहमति के आधार पर हम संरक्षक नियुक्त कर सकते हैं."

अखिला असोकन उर्फ़ हादिया ने मुस्लिम युवक शफीन जहां से शादी की थी जिसे केरल हाईकोर्ट ने ख़ारिज करते हुए युवती की कस्टडी परिजनों को सौंप दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि क्या हाईकोर्ट शादी ख़त्म कर सकता है.

मूंछ रखने पर दलित की हत्या

गुजरात के गांधीनगर में मंगलवार को अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर मूंछ रखने की वजह से एक 17 वर्षीय दलित की छूरा घोंपकर हत्या कर दी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों द्वारा दो दलितों पर हमला किया गया था.

परीक्षा के बाद स्कूल से लौटते समय शाम साढ़े पांच बजे लिम्बोदरा गांव में किशोर पर हमला किया गया था. इससे पहले 25 सितंबर को किशोर और उसके दोस्त की पिटाई की गई थी.

किशोर की बड़ी बहन काजल का कहना है कि जब उसकी पिटाई की गई थी तब उसे सात टांके आए थे, उस पर ब्लेड से हमला किया गया था लेकिन उस समय उन्होंने स्कूली पढ़ाई को देखते हुए कोई पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई थी.

अब 100 रुपये का नया नोट

अगले साल से आपके हाथों में 100 रुपये के नए डिज़ाइन का नोट हो सकता है.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, आरबीआई 100 रुपये के नए डिज़ाइन के नोट की छपाई अगले साल अप्रैल से शुरू कर सकता है. गौरतलब है कि आरबीआई ने हाल ही में 200 रुपये के नोट जारी किए थे.

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2018 तक 200 के नोटों की छपाई समाप्त हो जाएगी जिसके बाद 100 रुपये के नए नोटों की छपाई शुरू होगी.

हालांकि, पहले से मौजूद पुराने डिज़ाइन के 100 रुपये के नोट चलन मे रहेंगे.

इमरजेंसी के लिए होगा एक नंबर?

देशभर में इमरजेंसी के लिए एक ही नंबर-112 को शुरू करने की योजना के तहत दिल्ली पुलिस ने इसका ट्रायल शुरू कर दिया है.

नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, दिल्ली में 100 नंबर के साथ-साथ 112 नंबर भी मिलाया जा सकता है. जब इस नंबर का ट्रायल पूरी तरह से हो जाएगा तो इसे पूरे देश में भी लागू किया जा सकता है.

मौजूदा सिस्टम में अभी पुलिस के लिए 100, फायर ब्रिगेड के लिए 101 और एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर कॉल किया जाता है, लेकिन 112 नंबर शुरू होने पर इमरजेंसी में अलग-अलग नंबर डायल करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

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