प्रेस रिव्यू: ‘याकूब ने कहा था घबराओ मत, मुझे कुछ नहीं होगा’

महाराष्ट्र की पूर्व आईजी (कारागार) मीरन सी बोरवंकर ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया है कि 1993 मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन से वह जब मिलने नागपुर सेंट्रल जेल गई थीं तो उसने कहा था कि उसे कुछ नहीं होगा.
मीरन के मुताबिक वह याकूब से पहले भी दो-तीन बार पहले मिल चुकी थीं, लेकिन जब वह फांसी के लिए नागपुर सेंट्रल जेल पहुंची तो याकूब ने कहा था, "मैडम फिक्र मत करो, कुछ नहीं होने वाला है. मुझे कुछ नहीं होगा."
शनिवार को मीरन ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट के डायरेक्टर जनरल पद से रिटायर हो गईं. वह भारत में इकलौती महिला आईपीएस अफसर हैं जिन्होंने फांसी देखी है.
उनके कार्यकाल में 2012 में 26/11 मुंबई हमलों के दोषी अजमल कसाब और 2015 में याकूब मेमन को फांसी दी गई.

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डरा हुआ कसाब
मीरन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कसाब और याकूब को फांसी देने के मामले में अंतर था. उन्होंने कहा, "कसाब को फांसी के मामले में कई एजेंसियां शामिल थीं और इसमें गोपनीयता प्राथमिकता थी, जबकि याकूब के मामले को पूरा देश देख रहा था."
उन्होंने बताया कि कसाब मुंबई की आर्थर रोड जेल में आईटीबीपी की हिरासत में था और उसे फांसी देने के लिए पुणे ले जाया गया था. कसाब को ले जाने वाली टीम को 36 घंटे तक एक जगह रखा गया और उनसे फोन ले लिए गए लेकिन पता नहीं कैसे, एक मीडियाकर्मी को कसाब के मुंबई से निकलने की खबर पता चल गई.
मीरन बताती हैं कि यह ख़बर मीडिया को पुख्ता तौर पर पता नहीं चल पाई. वह कसाब के आख़िरी पलों के बारे में बताती हैं कि वह डरा हुआ था लेकिन उसे मालूम नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है.
याकूब मेमन की फांसी के मामले की गोपनीयता बरकार रखना ज़रूरी था जिसे मीरन ने निभाया. वह नागपुर जेल में पहले ही पहुंच गईं और इसमें भी वही टीम थी जो कसाब की फांसी के समय थी.

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दिल्ली की तरह गुड़गांव में भी ऑड-ईवन
दिल्ली की तरह गुड़गांव में भी ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू हो सकता है.
नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, गुड़गांव प्रशासन ने ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान तैयार किया है जिसके तहत पीएम 2.5 (पर्टिकुलेट मैटर) का स्तर 300 के पार जाते ही शहर में निजी वाहनों के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू हो जाएगा.
साथ ही इस योजना के तहत गुड़गांव में आने वाले बाहरी निजी वाहनों पर भी ऑड-ईवन लागू होगा.
इसे लागू कराने की ज़िम्मेदारी ट्रांसपोर्ट विभाग और पुलिस की होगी.
हादसे के दिन ही पुल बनने का टेंडर जारी
शुक्रवार को मुंबई के एलफ़िंस्टन रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर हुई दुर्घटना वाले दिन ही नए फुटओवर ब्रिज के लिए टेंडर जारी किए गए थे.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, 45 साल पुराने फुटओवर ब्रिज पर जिस दिन भगदड़ मची थी उसी दिन नए ब्रिज के लिए टेंडर फाइनल करके ऑनलाइन जारी कर दिए गए थे.
पश्चिम रेलवे के चीफ़ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर रविंद्र भाकेर ने बताया कि यह संयोग है कि जिस दिन ऐसी दर्दनाक घटना हुई उसी दिन नए ब्रिज के लिए टेंडर जारी किए गए थे.
इस घटना में शनिवार तक 23 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
कहां गायब हुए नीलकंठ
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार, पौराणिक कथाओं में जिस नीलकंठ पक्षी का ज़िक्र है वो अब कम ही दिखाई देते हैं.
दशहरे पर इस पक्षी को शुभ माना जाता है और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में यह काफ़ी संख्या में दिखाई देते थे लेकिन अब स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने काफी समय से नीलकंठ को नहीं देखा है.
विभागीय वन अधिकारी एम. सेम्मारन का कहना है कि किसानों द्वारा अधिक संख्या में खेतों में पेस्टिसाइड इस्तेमाल करने से यह पक्षी कम हो रहे हैं और इनको लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है.
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