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आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या,तीन गिरफ़्तार
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सुमावली थाना क्षेत्र में पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश दुबे की हत्या के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए लोगों का संबंध एक सरपंच से है जिसके ख़िलाफ मुकेश दुबे ने कई आरटीआई आवेदन लगाए थे.
पुलिस ने ये भी बताया कि मुकेश ने सरपंच के बारे में अपने फेसबुक पेज पर कई पोस्ट भी किए थे.
आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश दुबे की लाश पुलिस को मटकोरा जंगल से मंगलवार को मिली थी.
मुकेश दुबे का अपहरण सोमवार को रात को कर लिया गया था जिसके बाद कथित तौर पर पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी गई.
पुलिस का दावा
मुरैना कलेक्टर एपी सिंह ने बीबीसी को बताया, "मुकेश दुबे आरटीआई कार्यकर्ता थे. वे एक महिला सरपंच के बारे में फेसबुक में निजी कॉमेंट कर रहे थे. ये बात उनके करीबियों और रिश्तेदार को ठीक नही लग रही थी, जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी गई है."
पुलिस का दावा है कि 'मुकेश दुबे स्थानीय नेताओं और सरपंचों के बारे में आरटीआई के जरिए जानकारी हासिल कर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देता था. एक महिला सरपंच के कई मामले उन्होंने उजागर किए थे.'
मुरैना की पुलिस ने ये भी दावा किया कि 'इसी वजह से सरपंच के बेटे ने दूसरे दो रिश्तेदारों के साथ घटना को अंजाम दिया.'
क्या कहते हैं आरटीआई कार्यकर्ता
वही प्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ताओं का दावा है कि सरपंच प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा की करीबी थी और उनके अवैध उत्खनन के मामलों को वो उजागर कर रहे थे जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी गई.
आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे कहते हैं, "मुकेश दुबे ने भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर किया था. वही पिछले साल उनका एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें एक पुलिस वाला उन्हें धमका रहा था. उनकी हत्या की वजह भष्टाचार को उजागर करना है."
इनका कहना है कि पुलिस इस मामले को आपसी रंजिश का बताना चाहती है. जबकि मुकेश दुबे को लगातार धमकी मिल रही थी. अजय दुबे ने मांग की है कि इस मामलें की जांच सीबीआई से कराई जाए.
मुकेश दुबे ने जान से मारने की मिल रही धमकी की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कर रखी थी.
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