पीपली लाइव के को-डायरेक्टर महमूद फ़ारुक़ी रेप केस में बरी

दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड फ़िल्म 'पीपली लाइव' के सह-निर्देशक महमूद फ़ारूक़ी को रेप के एक मामले में बरी कर दिया है.

महमूद फ़ारूक़ी पर एक अमरीकी रिसर्चर महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली हाई कोर्ट ने महमूद फ़ारूक़ी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है. कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद नहीं थी.

साल 2015 के इस केस में निचली अदालत ने महमूद फ़ारूक़ी को सात साल जेल की सज़ा सुनाई थी.

महमूद फ़ारूक़ी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील की थी.

कौन हैं महमूद फ़ारूक़ी?

महमूद फ़ारुक़ी 'पीपली लाइव' फ़िल्म के सह-निर्देशक के अलावा इतिहासकार और दास्तानगो के तौर पर भी जाने जाते हैं.

फ़ारूक़ी की पत्नी अनुषा रिज़वी हैं जिन्होंने 2010 में 'पीपली लाइव' का निर्देशन किया था. फ़ारूक़ी इस फ़िल्म के लेखक और सह निर्देशक भी थे. इस फ़िल्म के निर्माता आमिर ख़ान थे.

महमूद रोड्स स्कॉलर रहे हैं. वे दून स्कूल से निकलने के बाद सेंट स्टीफ़ेंस से और फिर ऑक्सफ़ोर्ड और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से भी शिक्षा ले चुके हैं.

पिछले कुछ सालों से वो दस्तानगोई की शैली को फिर से नया अंदाज़ देने के काम में लगे हुए थे.

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से इतिहास में पीएचडी फ़ारूक़ी की किताब 'इन बिसीज्डः वायसेज फ़्रॉम दिल्ली 1857' काफ़ी चर्चित रही.

इस किताब में उन्होंने ऐतिहासिक दस्तावेजों का अनुवाद किया है. वो इतिहासकार विलियम डैलरिंपल की किताब 'द व्हाइट मुगल' में रिसर्चर के तौर पर जुड़े थे.

क्या है मामला?

लेखक-निर्देशक फ़ारूक़ी को दिल्ली पुलिस ने पिछले साल बलात्कार के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

ख़बरों के मुताबिक़ 19 जून, 2015 को दक्षिण दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में एक अमरीकी महिला ने फ़ारूक़ी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी.

फ़ारूक़ी को उसी दिन हिरासत में ले लिया गया था.

निचली अदालत ने इस मामले में महमूद को सात साल की जेल की सजा सुनाई थी.

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