You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्रेस रिव्यू- योगी सरकार ने रोका 46 मदरसों का अनुदान
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 46 मदरसों को सरकारी मदद पर रोक लगा दी है.
शासन की जांच रिपोर्ट में मानक के अनुरूप मदरसों में कमी पाई गई है. इसकी जांच ज़िलों के डीएम, डीआईओएस व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने की है. इस जांच के करीब दो महीने बाद तथ्य सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि ये सभी 46 मदरसे मानकों पर सही नहीं पाए गए.
उत्तर प्रदेश सरकार 560 मदरसों को अनुदान देती है. अनुदान का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षकों की तनख्वाह का होता है. फैजाबाद, ग़ाज़ीपुर, जौनपुर, बाराबंकी, संतकबीरनगर, झांसी, कानपुर, कुशीनगर, कन्नौज, मऊ, आज़मगढ़, महाराजगंज, महोबा, बनारस और श्रावस्ती में चल रहे मदरसों को मानक के अनुरूप नहीं पाया गया.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक एक अंतरमंत्रालय समिति ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों (एनआरआई) की शादी का रजिस्ट्रेशन भारत में कराने के लिए आधार को अनिवार्य करने की सिफारिश की है. ताकि बाद में पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह का विवाद होने पर मामले को सही तरीके से निपटाया जा सके.
समिति ने विदेश मंत्रालय को दी अपनी सिफारिश में यह बात कही है. पिछले कुछ सालों में भारतीय महिलाओं को विदेश में एनआरआई पतियों द्वारा धोखे दिए जाने, घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के कई मामले सामने आ चुके हैं.
विदेश मंत्रालय के पास इस संबंध में एक रिपोर्ट 30 अगस्त को जमा की गई है. रिपोर्ट से वाकिफ एक सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट में प्रस्ताव दिया गया है कि एनआरआई शादियों के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया जाए. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण इस संबंध में एक नीति बनाने को लेकर काम कर रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने विवादित फरमान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि सतना के स्कूलों में अब बच्चों को हाजिरी के वक्त यस सर/मैडम के बदले 'जय हिंद' बोलना होगा.
यह फरमान ज़िले के सभी स्कूलों में एक अक्टूबर से लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया है.
विजय शाह ने कहा कि यदि यह प्रयोग सतना में सफल रहा तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अनुमति से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा. सतना में प्राइवेट स्कूलों पर यह जबरन लागू नहीं किया जाएगा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)