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प्रेस रिव्यू- 'ट्रेन के ड्राइवर को नहीं दी गई थी मरम्मत की सूचना'
हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि खतौली के पास कलिंग उत्कल एक्सप्रेस पटरी उतर गई लेकिन प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इसमें ट्रेन के ड्राइवर को ट्रैक की मरम्मत की जानकारी नहीं देने की लापरवाही है.
रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि जब पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस वहां से गुज़री तब कम से कम 15 मीटर ट्रैक उखाड़ा गया था और उसकी जगह नया ट्रैक लगाया जाना था.
कोई विकल्प नहीं होने की वजह से मज़दूर अपने औज़ार और बदलकर नया लगाया जाने वाला ट्रैक छोड़कर भाग गए, बाद में ये ट्रैक का हिस्सा ए-1 कोच के नीचे मिला.
रेलवे अधिकारी ने कहा, "रेलवे ट्रैक ए-1 कोच के नीचे मिला और क्लैंप ट्रैक के दूसरी तरफ मिले. "
एक रेल अधिकारी ने कहा कि अगर अलर्ट कर दिया जाता तो उत्कल एक्सप्रेस खतौली पहुंचती ही नहीं. मेरठ और मुज़फ़्फ़रनगर के बीच अलर्ट क्यों नहीं भेजा गया इसकी जांच हो रही है.
उत्तर प्रदेश के प्रधान गृह सचिव अरविंद कुमार ने कहा है कि अचानक ब्रेक लगाने की वजह से ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को कहा कि वहां पर कुछ काम चल रहा था लेकिन इसी सूचना नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में साज़िश के संकेत नहीं मिले हैं.
दैनिक भास्कर ने लिखा है कि शुरुआती जांच में लापरवाही की बात सामने आई है. ट्रैक पर दो दिनों से सिग्नलिंग का काम चल रहा था. शनिवार को उत्कल एक्सप्रेस के ड्राइवर को कॉशन कॉल नहीं मिला.
ढीली कपलिंग वाली पटरी पर ट्रेन 105 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार से गुजरी और पटरी से उतर गई. ऐसी जगह अक्सर रफ़्तार 15-20 किमी प्रति घंटा रखी जाती है.
यूपी के गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार ने माना कि ड्राइवर को मरम्मत की सूचना देने में लापरवाही बरती गई. ऐसे में ड्राइवर को इमरजेंसी ब्रेक लगानी पड़ी.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि ट्रेन 106 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से चल रही थी जबकि इस ट्रैक पर 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए थी.
रेल अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन के पहले पांच डिब्बे और इंजन तो सुरक्षित निकल गए, अगर ट्रैक के साथ छेड़छाड़ की गई होती तो ये डिब्बे सुरक्षित नहीं जा सकते थे.
ये हादसा शाम 5.37 बजे हुआ और इससे करीब एक घंटे पहले दिल्ली सहारनपुर डेमू ट्रेन शाम 4.40 बजे यहीं से निकली है, इसलिए साज़िश की संभावना कम लगती है.
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि दार्जिलिंग के चौकबाज़ार में शनिवार को ज़बरदस्त धमाका हुआ. गोरखालैंड की मांग को लेकर पहाड़ी इलाके में दो महीने से चल रहे बंद में धमाके की इस तरह की पहली घटना है.
इसके बाद पुलिस ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग और कई लोगों पर इस धमाके के सिलसिले में मामला दर्ज किया है.
इस बीच दार्जिलिंग रेंज के आईजी मनोज वर्मा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि कलिमपोंग पुलिस स्टेशन पर फेंके गए ग्रेनेड से एक नागरिक पुलिस कर्मी घायल हो गया है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि राजस्थान में 24 साल की एक महिला ने अपने पति से घर में शौचालय न होने की वजह से तलाक़ ले लिया है. देश में शायद इस तरह का ये पहला मामला है.
भीलवाड़ा की एक फैमिली कोर्ट ने कहा कि घर में शौचालय न होना पत्नी के साथ नाइंसाफ़ी है. शुक्रवार को अदालत ने तलाक़ को मंज़ूरी दे दी.
इस महिला की शादी साल 2011 में हुई थी, महिला ने साल 2015 में अदालत में तलाक़ की अर्ज़ी में कहा था कि कई बार कहने के बावजूद पति ने घर में शौचालय और गूसलखाना बनवाने की मांग नहीं मानी और उसे खुले में शौच और नहाने के लिए मजबूर होना पड़ा.
उसने कहा कि उसे सुबह तक खेत में जाने के लिए रुकना पड़ता था, उसे खेत में जाना अपनी बेइज़्ज़ती लगती थी. लेकिन पति को अपनी पत्नी की मांग अटपटी लगती थी क्योंकि गांव की बाक़ी महिलाएं खुले में शौच जाती थीं. पति का कहना है कि शादी के वक़्त घर में शौचालय बनवाने की बात नहीं की गई थी.
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