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जो हो रहा है, वो इमरजेंसी के समय होता था: माणिक सरकार
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने दूरदर्शन और आकाशवाणी पर आरोप लगाया है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उसने उनका भाषण प्रसारित करने से मना कर दिया.
माणिक सरकार ने कहा कि प्रसार भारती ने पत्र लिखकर भाषण में बदलाव करने को कहा था, जिसे उन्होंने मना कर दिया, जिसके बाद भाषण का प्रसारण काट-छांट कर किया गया.
उन्होंने इस कदम को आलोकतांत्रिक, निरंकुश और असहिष्णु बताया.
हालाँकि प्रसार भारती की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 15 अगस्त 2017 को दूरदर्शन ने सीएम के कार्यक्रम और उसकी रिपोर्ट 29 मिनट और 45 सेकंड तक चलाई. इसमें से सीएम की स्पीच करीब 12 मिनट की थी. यह टेलिकास्ट शाम 7 बजे हुआ.
बीबीसी हिंदी के रेडियो एडिटर राजेश जोशी ने इस पूरे मामले पर माणिक सरकार से बात की...
प्रसार भारती ने जो कुछ भी किया, उस पर आपकी क्या आपत्ति है?
उनके पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है, जिससे वे एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को अपनी स्पीच बदलने का हुक्म दे सकें.
क्या आपको लगता है कि प्रसार भारती ने ऐसा कर कोई कानून तोड़ा है?
उन्होंने भाषण रिकॉर्ड करने का आग्रह मुझसे किया था. 12 तारीख की शाम को यह रिकॉर्ड किया गया था. यह तय किया गया था कि 15 अगस्त की सुबह को इसे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाएगा.
14 अगस्त की शाम को उन्होंने एक पत्र भेजा, जिसमें मुझसे मेरे भाषण में बदलाव करने का अनुरोध किया गया. मैंने इनकार कर दिया. फिर स्पीच को एडिट कर प्रसारित किया गया. यह एक गैर लोकतांत्रिक कदम है. यह असहिष्णुता भरा कदम है.
आपकी नज़र में प्रसार भारती ने ऐसा क्यों किया? आप मामले को किस तरह देखते हैं?
मैंने अपने भाषण में साम्प्रदायिकता, असमानता और बेरोजगारी पर सवाल उठाए थे. उन्हें यह अच्छा नहीं लगा. यह ठीक नहीं है. ऐसा इमरजेंसी के समय होता था.
प्रसार भारती एक स्वशासी संस्थान है. सरकार की आलोचना करना कितना सही है?
मैंने अपने भाषण में जो प्रश्न उठाए थे, उसे सही और गलत ठहराने वाला प्रसार भारती कौन होता है? वह भाषण बदलने का हुक्म नहीं दे सकता है.
पूरे मामले के राजनीतिक निहितार्थ क्या समझते हैं?
इसलिए मैंने विरोध किया है. आखिर हमारा देश किस दिशा में जा रहा है. मुझे लगता है कि जनता को इस दिशा में सोचना शुरू करना चाहिए.
देश किस दिशा में जा रहा है, आपका किस पर निशाना साध रहे हैं, यह स्पष्ट करेंगे?
आप सबकुछ मुझसे ही क्यों उगलवाना चाहते हैं? मैंने अपने भाषण में यह सबकुछ स्पष्ट किया है.
त्रिपुरा में चुनाव होने वाले हैं. क्या लगता है कि आपका मुख्य प्रतिद्वंदी कौन है, बीजेपी या टीएमसी?
मेरा कोई प्रतिद्वंदी नहीं है. जनता मेरे साथ है. हमने जनता के साथ कुछ भी गलत नहीं किया है. इसलिए मुझे लगता है कि वे लोग हमारा समर्थन करेंगे.
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