कश्मीर पर बोले चीन पर चुप रहे मोदी

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- Author, अभिमन्यु कुमार साहा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण के लिए लोगों से अपने नमो ऐप पर सुझाव मांगे थे.
करीब 15 हजार लोगों ने अपने सुझाव भेजे थे, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से कई प्रश्न भी पूछे थे. उन प्रश्नों में से मोदी ने कई के जवाब दिए तो कई प्रमुख सवालों को अनसुना कर दिया.
जनता ने प्रधानमंत्री से डोकलाम विवाद पर सरकार का रुख़ लाल किले की प्राचीर से स्पष्ट करने का आग्रह किया था, जिसपर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा.
सबसे ज्यादा प्रश्न शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली से जुड़े थें. नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में साल 2022 में 'न्यू इंडिया' के तहत देश को समृद्ध बनाने का संकल्प तो लिया, पर शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली कैसे दूर होगी, इस पर कुछ नहीं कहा.

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उन्होंने साल 2022 में 'लोक से तंत्र चलाने' की बात कही, पर ईवीएम को आधार कार्ड से जोड़ने के जनता के सवालों को नजरअंदाज कर दिया. ऐप पर पूछे गए अन्य सवाल क्या थे और मोदी ने उसका क्या जवाब दिया, आगे पढ़िए...
गोरखपुर त्रासदी क्यों हुई?
अपने भाषण के दौरान नरेंद्र मोदी इस मुद्दे से बचकर निकलते नज़र आए. प्राकृतिक आपदाओं पर बात करते हुए उन्होंने गोरखपुर में हुई बच्चों की मौत की घटना का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "पिछले दिनों अस्पताल में हमारे मासूम बच्चों की मौत हुई. इस संकट की घड़ी में 125 करोड़ देशवासियों की संवेदनाएं उनके साथ है."

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कब आएंगेआम आदमी के अच्छे दिन?
नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में 'अच्छे दिन' पर बात नहीं की. लेकिन उन्होंने अच्छे दिनों की विशेषताओं वाला 'न्यू इंडिया' का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "साल 2022 में हम आजादी का 75वां साल मनाएंगे. इस साल हम एक 'न्यू इंडिया' बनाएंगे. न्यू इंडिया सुरक्षित, समृद्ध और शक्तिशाली होगा. न्यू इंडिया में तंत्र से लोक नहीं, लोक से तंत्र चलेगा."
इतनी विदेश यात्रा क्यों करते हैं?
मोदी ने अपने भाषण में विदेश यात्राओं की खूबियां गिनाईं. हालांकि विदेशी निवेश कितना हुआ, इस पर कुछ नहीं कहा.
उन्होंने कहा, "दुनिया के कई देश हमें सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं. वे हमें हवाला कारोबार से लेकर आतंकवादियों की गतिविधियों की जानकारी दे रहे हैं."

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मुस्लिमों के मन से डर कैसे निकालेंगे?
नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में तीन तलाक पर फिर से अपना रुख़ स्पष्ट किया, पर उन्होंने 'गोरक्षा' और 'मॉब लिंचिंग' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.
उन्होंने कहा, "भारत गांधी और बुद्ध की भूमि है. आस्था के नाम पर हिंसा को बल नहीं दिया जा सकता है. पहले 'भारत छोड़ो' का नारा था आज 'भारत जोड़ो' का नारा लगाना होगा."
कश्मीर समस्या पर क्या है रुख़?
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, "हम स्वर्ग को (कश्मीर को) फिर से अनुभव कर सकने की स्थिति में लाने के लिए कटिबद्ध हैं. कश्मीर समस्या न गाली से, न गोली से सुलझेगी, समस्या सुलझेगी कश्मीरियों को गले लगाने से."

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नोटबंदी से देश को क्या फायदा हुआ?
नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कई बार नोटबंदी का ज़िक्र किया. उन्होंने इसके फायदे गिनाते हुए कहा, "तीन लाख करोड़ रुपए जो बैंक व्यवस्था से बाहर थे, वह बैंकों में आए हैं. कम से कम दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कालाधन बैंकों तक पहुंचा है."
"इस साल 1 अप्रैल से 5 अगस्त तक 56 लाख लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न दाख़िल किया है. पिछले साल इस अवधि में यह संख्या 22 लाख थी. हवाला कारोबार में लिप्त तीन लाख कंपनियों का भी पता चला है."
जीएसटी से क्या फायदा हुआ?
नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की खूबियां गिनाईं. उन्होंने कहा, "जीएसटी के द्वारा देश ने कॉम्पिटिटिव कोऑपरेटिव फेडरलिज्म को नई ताकत दी है. एक नया परिणाम नजर आया है."
"जीएसटी के बाद चेकपोस्ट खत्म कर दिए गए हैं. जिससे ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री की क्षमता 30 फीसद तक बढ़ी है."
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