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शशिकला पर आरोपः दो करोड़ में ख़रीदीं जेल की सुविधाएं
- Author, इमरान कुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
ऐसा लगता है कि तमिलनाडु की भूतपूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की क़रीबी रहीं वीके शशिकला को जेल में रहते हुए भी विवादों से राहत नहीं मिल पा रही है.
शशिकला इस समय आय से अधिक संपत्ति के मामले में बेंगलुरु की केंद्रीय जेल में सज़ा काट रही हैं.
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल डी रूपा ने अपने विभाग के ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी, जेल) एचएन सत्यनारायण राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके केंद्र में शशिकला हैं.
डी रूपा ने एचएन सत्यनारायण और राज्य के डीडीपी आरके दत्ता को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि 'शशिकला को खुद का भोजन बनाने के लिए विशेष कमरा दिया गया है, जो जेल नियमों का उल्लंघन है.'
जेल में विशेष सुविधा देने के आरोप
उन्होंने पत्र में लिखा है, "जेल नियमों के उल्लंघन का मामला मेरे संज्ञान में आया है. ऐसी चर्चा है कि विशेष सुविधाएं देने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई है. मैं आपसे अपील करती हूं कि नियमों को तोड़ने वाले लोगों पर सख़्त और तत्काल कर्रवाई हो."
राव ने रूपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "शशिकला को किसी भी तरह की विशेष सुविधा प्रदान नहीं की गई है. वो पहले माले पर स्थित महिला कैदियों के वार्ड में रहती हैं. उन्हें किसी भी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया है. यहां तक कि सांसद व मंत्रियों के मिलने के लिए साधारण प्रक्रिया अपनाई गई है."
आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला, इलावरसी और सुदर्शन को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराया था.
राव ने कहा है कि इन तीनों को 15 दिनों में एक बार 'किसी से मिलने की इजाज़त दी जाती है.' उन्होंने आगे कहा कि जेल में 'उनके पहले दिन से ही उन्हें किसी तरह की कोई विशेष सुविधा से दूर रखा गया है, क्योंकि वे इसकी हक़दार नहीं हैं.'
सीएम ने दिए जांच के आदेश
बीबीसी हिंदी से बात करते हुए रूपा ने बताया, "यह आरोप किसी के ख़िलाफ़ नहीं है. मैंने डीआईजी के तौर पर जो चीजें देखी, उसके बारे में पत्र में लिखा. मेरा उद्देश्य है कि व्यवस्था सुधरे और जो भी कमियां है उसे खत्म किया जा सके. पत्र लिखने के पीछे मेरा कोई निजी हित नहीं है. अगर किसी को इसमें सच्चाई नहीं दिखती है तो इसकी जांच करवाई जाए."
जिलों के दौरे पर गए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले में ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है, "मामले का संज्ञान लिया गया है. बेंगलुरू केंद्रीय जेल में जो कुछ भी गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं, उसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं."
रूपा स्टांप पेपर घोटाले के दोषी अब्दुल करीम तेलगी पर भी जेल में विशेष सुविधाएं प्राप्त करने के आरोप लगा चुकी हैं.
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