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मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाना चाहती थी कांग्रेस - केसी त्यागी
- Author, ज़ुबैर अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के जनता दल यूनाइटेड के फ़ैसले को लेकर एनडीए से उसकी क़रीबी की चर्चा हो रही है.
कोविंद को समर्थन, राजग को नहीं
लेकिन बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में जनता दल (यू) के शीष नेता केसी त्यागी ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने को एक अलग मामला बताया है.
उन्होंने कहा, "कोविंद को समर्थन देना एक इकलौता मामला है, कोविंद जब बिहार के गवर्नर थे तो उन्होंने शानदार काम किया, राजभवन को राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया. ये समर्थन व्यक्तिगत स्तर पर है इसका राजग की रणनीति से कोई संबंध नहीं है."
गोपाल कृष्ण गांधी थे नीतीश की पसंद
उन्होंने कहा, "पहल राष्ट्रपति चुनाव मिलकर लड़ने की बात हो रही थी. वामपंथी दल, एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस, जेडीएस और जेडीयू इस राय के थे कि किसी गैर कांग्रेसी सिविल सोसाइटी के सदस्य को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाए. वामपंथी दलों से करुणानिधि जी के जन्मदिन के अवसर पर नीतीश जी ने गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर हामी भरी थी, वो लगभग विपक्ष के सर्वमान्य उम्मीदवार थे."
कांग्रेस मीरा कुमार पर अड़ी थी
जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना चाहती थी.
त्यागी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी इस मामले को टालकर अपनी ही पार्टी की नेता मीरा कुमार को बनाना चाहती थीं. इसी बीच में कोविंद के नाम की घोषणा हो गई. इसके बाद नीतीश कुमार ने सोनिया गांधी, लालू यादव और सीताराम येचुरी से बात करते हुए कहा था कि कोविंद के उम्मीदवार बनने के बाद उनका विरोध मुश्किल होगा. सोनिया गांधी ने किसी स्टेज पर मीरा कुमार की उम्मीदवारी की औपचारिक चर्चा नहीं की."
विपक्ष की एकता पर कोई संकट नहीं
केसी त्यागी ने कहा है कि इससे विपक्ष की एकता पर कोई संकट नहीं है. पूरे देश में लिंचिंग और किसानों की जैसी समस्याएं हैं. ऐसे में जदयू राष्ट्रपति चुनाव के बाद एक बार फिर विपक्ष एकता का हिस्सा होगी.
राजद के साथ जेडीयू के गठबंधन पर त्यागी ने कहा कि थोड़ी बहुत अनबन चलती रहती है लेकिन गठबंधन में कोई दरार नहीं है और ये गठबंधन 2025 तक चलेगा.
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