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नैंसी कहती थी- डीएम बनूंगी, पर उसे ज़िंदा ही नहीं छोड़ा
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
सोशल मीडिया पर नैंसी झा के तेजाब से झुलसे शरीर की तस्वीर देख उनके दादा फफक कर रो पड़ते है. नैंसी की मां की आवाज़ तो कहीं खो सी गई है और पिता बिलकुल एकांत में चले गए हैं.
दादा सत्येन्द्र झा बताते हैं, "मेरी 12 साल की नैंसी मुझसे कहती थी बाबा, मैं डीएम बनूंगी, लेकिन हत्यारों ने तो उसका जीवन ही छीन लिया."
बिहार के मधुबनी जिले के महादेवगढ़ गांव की नैंसी झा का झुलसा हुआ शरीर नदी में इसी महीने 27 मई को मिला था. इसके बाद से ही लोगों का ग़ुस्सा उफान पर है.
दादा सत्येन्द्र के मुताबिक, "नैंसी का अपहरण 25 मई की शाम पड़ोस के ही रहने वाले पवन कुमार झा और उसके साथी लल्लू झा ने किया था. 26 को नैंसी की बुआ की शादी थी और पवन कुमार झा उसमें बाधा डालना चाहता था."
परिवार ने बातचीत में बीबीसी को बताया कि 6 साल पहले परिवार की एक लड़की के साथ पवन ने छेड़खानी की थी. इसके बाद उसे पीटा गया था.
इसका बदला लेने के लिए ही उसने नैंसी का अपहरण कर लिया. साथ ही परिवार वालों का ये कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो बच्ची बच जाती.
सत्येन्द्र झा बताते हैं, "मेरा दो घर है. एक में शादी की रस्में थीं और दूसरे में ठहरने का इंतज़ाम. मेहंदी के बाद शाम में जब नैंसी एक घर से दूसरे घर लौट रही थी तो उसके पीछे कई लोगों ने पवन और लल्लू झा को देखा था.
उन्होंने बताया, ''चूंकि रास्ता एक ही है इसलिए कोई शक नहीं हुआ. बाद में जब वो घर नहीं पहुंची तो हम लोगों ने पवन झा को पकड़कर स्थानीय थाने को सौंप दिया.''
नैंसी के दादाजी ने बताया, ''पवन नशे में धुत था. बिहार में शराबबंदी है लेकिन पुलिस ने उसे आधे घंटे के अंदर छोड़ दिया. अगर पुलिस उसे नहीं छोड़ती तो हमारी बच्ची हमारे साथ होती."
मधुबनी के एसपी दीपक बर्नवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "इस मामले में दोनों अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हो गई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई है. बाक़ी मामले की जांच चल रही है."
नैंसी के पिता रवीन्द्र नारायण झा एक प्राइवेट स्कूल के संचालक है और मां सरकारी स्कूल में टीचर हैं. नैंसी की एक छोटी बहन है.
दादा सत्येन्द्र झा कहते हैं, "हमारी बेटी तो चली गई पर हम दूसरी बेटियों के लिए सुरक्षित दुनिया बनाना चाहते है. नैंसी के क़ातिलों को फांसी से भी ऊपर की सज़ा मिले.''
उन्होंने कहा, ''फास्ट ट्रैक कोर्ट इसे देखे. जिस बेरहमी से हमारी बच्ची को मारा है, उससे ज़्यादा बेरहमी से उसके क़ातिलों को सज़ा मिले. तभी हमारे कलेजे का ठंडक मिलेगी."
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