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कौन हैं बुरहान वानी के करीबी रहे सबज़ार?
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत प्रशासित कश्मीर के त्राल में सुरक्षाबलों के साथ गोलीबारी में दो चरमपंथियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई है.
मारे गए चरमपंथियों की पहचान हिज़्बुल मुजाहिदीन कमांडर सबज़ार अहमद बट और फ़ैज़ान मुज़फ़्फ़र के रूप में हुई है.
सबज़ार बुरहान वानी के ख़ासे क़रीबी माने जाते थे. बुरहान की मौत के बाद उन्होंने इस चरमपंथी संगठन में उनकी जगह ली थी.
इस ऑपरेशन में एक आम नागरिक की भी मौत हुई है, जिनकी पहचान मौलवी आक़िब अहमद के रूप में हुई है.
क्या कह रही है पुलिस
पुलिस की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, दोनों तरफ़ से हुई इस गोलीबारी में एक नागरिक भी घायल हो गया था. उसे त्राल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
पुलिस की प्रेस रिलीज़ में कहा गया है, 'बीती शाम सोइमोह त्राल इलाक़े में चरमपंथियों ने सेना के 42 राष्ट्रीय राइफ़ल के पैट्रोलिंग वाहन पर फ़ायरिंग की, जिसकी जवाबी फ़ायरिंग के बाद चरमपंथी आस-पास के घरों में छिप गए. इसके बाद 42 आरआर राइफ़ल, अवंतीपोरा पुलिस और सीआरपीएफ ने इलाक़े को घेरते हुए एक साझा सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इसके बाद छिपे हुए चरमपंथियों ने दोबारा फ़ायरिंग की. दोनों तरफ़ से हुई गोलीबारी में हिज़्बुल मुजाहिदीन के दो चरमपंथी सबज़ार अहमद बट और फ़ैज़ान मुज़फ़्फ़र मारे गए.'
कश्मीर में झड़पें, दर्जनों घायल
इस बीच, सबज़ार की मौत के बाद त्राल समेत कश्मीर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों से झड़प की ख़बरें हैं, जिनमें दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं.
त्राल से 42 किलोमीटर दूर श्रीनगर में कर्फ़्यू जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं.
अलगाववादी संगठन हुर्रियत ने दो दिनों का बंद बुलाया है.
सबज़ार त्राल के रथसुना इलाक़े के रहने वाले बताए जा रहे हैं. वह एक निम्न मध्यम वर्ग परिवार से थे. ज़्यादा पढ़ाई लिखाई भी नहीं की थी.
6 साल पहले हिज़्बुल से जु़ड़े सबज़ार
सबज़ार 6 साल पहले हिज़्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे. बुरहान की मौत के बाद उनका क़द बढ़ गया था और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए वह हिज़्बुल के मोस्ट वॉन्टेड कमांडर हो गए थे.
ख़बरों के मुताबिक़, 6 साल पहले सबज़ार ने त्राल में सीआरपीएफ़ के एक जवान से राइफ़ल छीनी थी, जिसके बाद वह चरमपंथी संगठन की नज़र में आए और हिज़्बुल से जुड़ गए.
2015 में बुरहान वानी का अपने चरमपंथी सहयोगियों के साथ जो वीडियो सामने आया था, उसमें सबज़ार भी दिख रहे थे.
विरोध प्रदर्शनों की आशंका
सबज़ार की मौत की ख़बर आने के बाद से पूरे कश्मीर में तनाव फैल गया है.
सुरक्षाबलों द्वारा सबज़ार के मारे जाने से शहर में तनाव की स्थिति है. फ़िलहाल विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.
चश्मदीदों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग पहले से ही मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए हैं.
पिछले साल 8 जुलाई को बुरहान वानी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे. इसके बाद घाटी में महीनों तक हिंसा और अशांति का माहौल रहा था. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सुरक्षाबल 2016 जैसे हालात न बनें, इन्हीं कोशिशों में जुटे हुए हैं.
जनाज़े में शामिल होने के लिए निकली भीड़
पिछले कुछ महीनों में 100 से ज़्यादा लड़के चरमपंथी गुटों में शामिल हुए हैं. शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.
हिज़्बुल मुजाहिदीन प्रमुख रूप से दक्षिणी कश्मीर में सक्रिय है. यहां ज़ाकिर मूसा बट के हाथों में हिज़्बुल की कमान है. ज़ाकिर इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और संपन्न परिवार से हैं.
बीबीसी संवाददाता जस्टिन रॉलेट के मुताबिक, सबज़ार की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने की ख़बर है.
सुरक्षा बलों ने पथराव कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फ़ायरिंग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया है. बताया जा रहा है कि हज़ारों लोग सबज़ार के जनाज़े में शामिल होने के लिए उनके गांव पहुंच रहे हैं.
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