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राजनीति में रजनीकांत मारेंगे धांसू एंट्री?
सुपरस्टार रजनीकांत ने अपने फैन्स के बीच राजनीति में आने के संकेत दिए हैं. इस बारे में चेन्नई में 8 साल बाद अपने फैन्स के लिए आयोजित चार दिन के दरबार के आख़िरी दिन उन्होनें कहा कि "सही समय का इंतज़ार करें."
इससे पहले भी वो इसी सम्मेलन में कह चुके हैं कि 'ईश्वर ने चाहा तो वो राजनीति में उतर सकते हैं'. जिसे सुनकर उनके प्रशंसकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.
रजनीकांत राजनीति में आएंगे या नहीं, ये वो सवाल है जिसका जवाब तमिलनाडु का हर व्यक्ति जानना चाहता है.
एआईएडीएएमके प्रमुख जयललिता के निधन और डीएमके प्रमुख करूणानिधि अधिक उम्र के चलते उनकी राजनीतिक सक्रियता में कमी के चलते रजनीकांत के लिए तमिलनाडु की राजनीति में संभावनाएं काफ़ी हैं.
21 साल बाद अपने फैन्स से रूबरू हुए रजनीकांत ने वर्तमान राजनीतिक सिस्टम की आलोचना करते हुए कहा कि एक व्यवस्थित सिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में कई अच्छे लोग हैं लेकिन फिर भी राज्य की राजनीति बुरे हालात में है.
रजनीकांत ने कहा, "इसका मतलब है कि सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है, हमें सिस्टम को बदलने की ज़रूरत है."
हालांकि रजनीकांत ने ये नहीं बताया कि ये बदलाव कैसे आएगा. लेकिन उनके इस बयान ने साफ़ संकेत दिए हैं कि वो राजनीति में आ सकते हैं.
ये भी साफ़ नहीं है कि वो एआईएडीएमके, डीएमके या बीजेपी जैसी कियी पार्टी से हाथ मिलाएंगे या फिर ख़ुद की पार्टी बनाएंगे.
उन्होंने अपने फ़ैंस से ये भी कहा कि वो 23 साल कर्नाटक में रहे लेकिन 44 साल से वो तमिलनाडु में रह रहे हैं. तमिलनाडु के लोगों ने उन्हें पैसा और लोकप्रियता दी है. मैं एक तमिल हूं.
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